कृषि विश्वविद्यालय में एमओओसी सेंटर का शुभारंभ, डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
बाँदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय ने डिजिटल शिक्षा और आधुनिक शिक्षण तकनीकों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है...
आधुनिक तकनीक से तैयार होंगे उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो व्याख्यान, किसानों तक भी पहुंचेगा कृषि अनुसंधान और नई तकनीकों का ज्ञान
बाँदा। बाँदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय ने डिजिटल शिक्षा और आधुनिक शिक्षण तकनीकों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय परिसर में नवस्थापित एमओओसी (मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज) सेंटर का शुभारंभ कुलपति प्रो. डॉ. एस.वी.एस. राजू ने किया। इस केंद्र के माध्यम से कृषि शिक्षा, अनुसंधान और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को डिजिटल माध्यम से अधिक व्यापक स्तर पर पहुंचाने में मदद मिलेगी।
शुभारंभ अवसर पर संकाय सदस्यों एवं शोधार्थियों को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. डॉ. एस.वी.एस. राजू ने कहा कि वर्तमान समय डिजिटल तकनीक का है और अकादमिक उत्कृष्टता के लिए शिक्षण में आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे एमओओसी सेंटर का बेहतर उपयोग करते हुए अपने विषयों से संबंधित उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो व्याख्यान और डिजिटल शिक्षण सामग्री तैयार करें। साथ ही पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों के साथ आधुनिक तकनीक का समन्वय स्थापित करें, ताकि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को व्यापक पहचान मिल सके।
विश्वविद्यालय के सभी महाविद्यालयों एवं विभागों के लिए साझा मंच के रूप में स्थापित इस केंद्र में वीडियो व्याख्यान रिकॉर्डिंग, टेलीप्रॉम्प्टर की सहायता से प्रस्तुति, उच्चस्तरीय ऑडियो रिकॉर्डिंग, वीडियो संपादन और डिजिटल शिक्षण सामग्री विकसित करने जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
यह केंद्र विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने के साथ ही विश्वविद्यालय के कृषि अनुसंधान, उन्नत कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक उपलब्धियों को किसानों, कृषि प्रसार कार्यकर्ताओं तथा अन्य संबंधित हितधारकों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे कृषि ज्ञान और तकनीकी जानकारी को डिजिटल माध्यम से अधिक लोगों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एस.के. सिंह, सस्य विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं निदेशक प्रशासन एवं अनुश्रवण डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ. ए.के. चौबे, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. अनिकेत कल्हापुरे सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में परास्नातक एवं पीएचडी शोधार्थी उपस्थित रहे।
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