बुंदेलखंड में साइबर अपराधियों पर शिकंजे की तैयारी, बांदा में बन रहा हाईटेक साइबर थाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश के संकल्प के तहत बुंदेलखंड में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में...
1 अप्रैल 2027 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य, साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई में मिलेगी मदद
बांदा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश के संकल्प के तहत बुंदेलखंड में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बांदा जिले में परिक्षेत्रीय साइबर थाने का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। करीब 4 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत से बनने वाला यह आधुनिक थाना साइबर अपराधों की जांच और डिजिटल ठगी से जुड़े मामलों में कार्रवाई को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगा।
4.18 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण
परियोजना के लिए शासन से स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को सौंपी गई है। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 1 अप्रैल 2027 तक की समय-सीमा निर्धारित की गई है। निर्धारित अवधि में गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के लिए परियोजना की निगरानी की जा रही है।
गुरेह गांव के पास बनेगा साइबर थाना
प्रस्तावित परिक्षेत्रीय साइबर थाना बांदा देहात कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत गुरेह गांव के पास बनाया जा रहा है। इसके लिए 1 बीघा 1 बिसवा भूमि निर्धारित की गई है। करीब 4 करोड़ 18 लाख 45 हजार रुपये की लागत से तैयार होने वाले इस परिसर में साइबर अपराधों से संबंधित मामलों की जांच और कार्रवाई के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
आधुनिक तकनीक से लैस होगा थाना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, थाने में आधुनिक फॉरेंसिक उपकरण, डेटा विश्लेषण सॉफ्टवेयर और हाईटेक सुरक्षा प्रणालियां उपलब्ध कराई जाएंगी। इनकी मदद से साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी और सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों की जांच को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर अपराधियों तक पहुंचने और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने में भी सहायता मिलेगी।
चित्रकूट मंडल के चार जिलों को मिलेगा लाभ
परिक्षेत्रीय साइबर थाने का उद्देश्य बांदा सहित चित्रकूट मंडल के चारों जनपदों में साइबर अपराधों से निपटने की व्यवस्था को मजबूत करना है। इसके शुरू होने के बाद क्षेत्र के नागरिकों को डिजिटल ठगी और ऑनलाइन अपराधों से जुड़े मामलों में बेहतर जांच एवं पुलिस कार्रवाई का लाभ मिलने की उम्मीद है।
तेजी से बढ़ते डिजिटल अपराधों के बीच इस परियोजना को बुंदेलखंड की साइबर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। हालांकि, साइबर थाने की वास्तविक कार्यक्षमता और नागरिकों को मिलने वाली सुविधाएं इसके निर्माण, संसाधनों की उपलब्धता तथा संचालन शुरू होने के बाद स्पष्ट होंगी।
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