बांदा में गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई : 41.66 लाख की कार और पोकलैंड मशीन मुक्त कराने की अर्जी खारिज
गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई करीब 41.66 लाख रुपये की संपत्ति को मुक्त कराने की मांग पर बांदा स्थित विशेष गैंगस्टर...
विशेष गैंगस्टर न्यायालय का फैसला, वैध आय के स्रोत साबित करने वाले दस्तावेजों को नहीं माना पर्याप्त; अभियोजन पक्ष ने कुर्की के समर्थन में रखीं दलीलें
बांदा। गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई करीब 41.66 लाख रुपये की संपत्ति को मुक्त कराने की मांग पर बांदा स्थित विशेष गैंगस्टर न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने विकास कुमार गुप्ता पुत्र लालाराम गुप्ता, निवासी साहब नगर, कल्याणपुर, कानपुर नगर की ओर से दाखिल आवेदन निरस्त कर दिया। इसके साथ ही कुर्क की गई कार और पोकलैंड मशीन को मुक्त करने की मांग खारिज हो गई।
गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे से जुड़ा है मामला
यह मामला थाना कालिंजर, जनपद बांदा में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 79/2022 से संबंधित है। इसमें उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 की धारा 2/3 के तहत कार्रवाई की गई थी। मामले में जिला मजिस्ट्रेट, बांदा ने अधिनियम की धारा 14(1) के अंतर्गत संबंधित संपत्तियों की कुर्की का आदेश पारित किया था। इसके बाद संपत्तियों को कुर्की से मुक्त कराने के लिए विशेष न्यायालय में आवेदन दाखिल किया गया।
कुर्क संपत्तियों की कीमत 41.65 लाख रुपये से अधिक
कुर्क की गई संपत्तियों में निशान कार संख्या UP-78 CR-7485 और पोकलैंड मशीन संख्या S-200-54592 शामिल हैं। अभिलेखों के अनुसार, कार की अनुमानित कीमत 2,24,678 रुपये और पोकलैंड मशीन की कीमत 39,41,250 रुपये दर्ज की गई थी। दोनों की कुल अनुमानित कीमत 41,65,928 रुपये है।
आवेदक ने कृषि और व्यवसाय से आय का दिया हवाला
आवेदक की ओर से न्यायालय में दलील दी गई कि उसके पास कृषि भूमि, ठेकेदारी, व्यवसाय और अन्य माध्यमों से आय के स्रोत हैं। कार की खरीद के लिए वित्तीय सुविधा लेने और पोकलैंड मशीन को किराये पर चलाकर आय अर्जित करने का भी दावा किया गया। अपने पक्ष में आयकर रिटर्न, कृषि भूमि से संबंधित अभिलेख, मशीन की किस्तों के विवरण तथा अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।
वैध आय के स्रोत पर न्यायालय ने किया दस्तावेजों का परीक्षण
राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक (गैंगस्टर एक्ट) सौरभ सिंह ने कुर्क संपत्तियों को मुक्त किए जाने का विरोध किया। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि संपत्तियों की खरीद के लिए वैध आय का स्रोत ठोस और विश्वसनीय दस्तावेजों से स्थापित होना आवश्यक है।
न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों और प्रस्तुत दस्तावेजों का परीक्षण किया। इसमें पोकलैंड मशीन की किस्तों, आयकर रिटर्न में दर्शाई गई आय, कृषि भूमि से होने वाली कथित आय और मशीन को किराये पर चलाने से प्राप्त आमदनी से संबंधित दावों पर विचार किया गया।
न्यायालय ने उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर पाया कि आवेदक विवादित संपत्तियों की खरीद के लिए पर्याप्त वैध आय का स्रोत संतोषजनक ढंग से स्थापित नहीं कर सका।
न्यायालय ने आवेदन किया निरस्त
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद विशेष गैंगस्टर न्यायालय ने संपत्ति मुक्त कराने के आवेदन को स्वीकार करने का पर्याप्त आधार नहीं पाया। न्यायालय ने संपत्तियों को अपराध से अर्जित धन से खरीदे जाने के संबंध में निष्कर्ष दर्ज करते हुए आवेदन निरस्त कर दिया।
इस फैसले के बाद गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई कार और पोकलैंड मशीन को मुक्त कराने की मांग खारिज हो गई। न्यायालय ने आदेश की प्रति संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजने का निर्देश भी दिया।
मामले में राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक (गैंगस्टर एक्ट) सौरभ सिंह ने पैरवी की।
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