कल गैस कंपनियों को भुगतान नहीं करेंगे वितरक, देशव्यापी आंदोलन शुरू
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (आई) द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस और जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से देश भर के रसोई गैस वितरकों ने अपनी...
कमीशन बढ़ाने और मनमाने नियमों के विरोध में 6 अक्टूबर को 'नो मनी नो इंडेंट', 26 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर धरना
बांदा/नई दिल्ली। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (आई) द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस और जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से देश भर के रसोई गैस वितरकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया है। एसोसिएशन के अनुसार, देश की तीनों प्रमुख सार्वजनिक तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) के सभी 26,000 वितरक अपनी लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेंगे।
आंदोलन का मुख्य कार्यक्रम:
- 05 अक्टूबर 2026: देश भर के जिला मुख्यालयों पर वितरकों द्वारा कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
- 06 अक्टूबर 2026: 'नो मनी नो इंडेंट' (No Money No Indent) का पालन करते हुए कोई भी वितरक न तो कंपनी के खाते में पैसे ट्रांसफर करेगा और न ही गैस का इंडेंट (मांग पत्र) दर्ज करेगा।
- 26 अक्टूबर 2026: देश के सभी एलपीजी वितरक नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेंगे।
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी:
इसके बावजूद यदि प्रमुख मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो देश के सभी वितरक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी।
एलपीजी वितरकों की प्रमुख मांगें:
- कमीशन में वृद्धि: होम डिलीवरी और प्रशासनिक शुल्क (कमीशन) में तत्काल 75 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि की जाए।
- पीएनजी अनिवार्यता समाप्त हो: देश में एलपीजी उपभोक्ताओं पर गैरकानूनी तरीके से पीएनजी (PNG) लेने की अनिवार्य शर्तों से जुड़े आदेश को वापस लिया जाए।
- ई-केवाईसी का भुगतान: उपभोक्ताओं की की गई प्रत्येक ई-केवाईसी (E-KYC) के एवज में वितरकों को 236 रुपये का भुगतान किया जाए।
- अतिरिक्त उत्पादों की बिक्री पर रोक: तेल कंपनियों के अधिकारियों द्वारा एकाधिकारपूर्ण कार्रवाई करते हुए वितरकों के माध्यम से जबरन चूल्हा, रबर ट्यूब, फायरवॉल, ट्रॉली, चाय पत्ती व अन्य उत्पाद बेचने पर रोक लगाई जाए।
- अवैध बिक्री पर प्रतिबंध: आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 का उल्लंघन कर जबरन 5 किलो और 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडरों की गैरकानूनी बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जाए।
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (आई) ने भारत के प्रधानमंत्री, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल से अपील की है कि वितरकों की उचित और न्यायपूर्ण मांगों पर तत्काल विचार कर इन्हें पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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