रेलवे स्टेशन पर भटके दो नाबालिगों को आरपीएफ ने परिजनों से मिलाया
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने तत्परता दिखाते हुए बांदा रेलवे स्टेशन पर भटक रहे दो नाबालिग बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलाया...
घर से नाराज होकर सूरत जाने निकले थे दोनों किशोर, सीसीटीवी चेकिंग के दौरान मिले; सुरक्षित सुपुर्दगी पर पिता ने जताया आभार
बांदा। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने तत्परता दिखाते हुए बांदा रेलवे स्टेशन पर भटक रहे दो नाबालिग बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलाया। दोनों किशोर घर से नाराज होकर सूरत जाने की बात कह रहे थे। आरपीएफ की सतर्कता और चाइल्ड हेल्पलाइन के सहयोग से बच्चों को सकुशल परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
आरपीएफ पोस्ट बांदा की निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी के अनुसार, 2 नवंबर 2026 को शाम करीब 7 बजे रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 के फुट ओवरब्रिज के पास सीसीटीवी कैमरों की चेकिंग के दौरान दो नाबालिग बच्चे घूमते दिखाई दिए। उनकी मनोदशा संदिग्ध प्रतीत होने पर आरपीएफ ने उनसे पूछताछ की। इस दौरान बच्चों ने घर से नाराज होकर सूरत जाने की बात बताई।
इसके बाद बच्चों के परिजनों से मोबाइल नंबर के जरिए संपर्क किया गया। परिजनों ने बताया कि दोनों बच्चे सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन शाम तक वापस नहीं पहुंचे थे। बच्चों के बाबा को स्टेशन पर उनके मिलने की सूचना दी गई। जानकारी मिली कि एक बच्चे के परिजन पहले से ही स्टेशन पर बच्चों की तलाश कर रहे थे। उन्हें आरपीएफ पोस्ट बुलाकर बच्चों की पहचान कराई गई।
बच्चों की पहचान अमन (15), पुत्र मनोज, निवासी ग्राम इंगुवा, थाना मरका, जिला बांदा और प्रकाश (17), पुत्र रामलखन, निवासी ग्राम इंगुवा, थाना मरका, जिला बांदा के रूप में हुई।
आरपीएफ ने चाइल्ड हेल्पलाइन बांदा के केस वर्कर प्रभाकर द्विवेदी को सूचना देकर बुलाया। चाइल्ड हेल्पलाइन के कर्मचारियों ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों बच्चों को उनके पिता मनोज (38), निवासी ग्राम इंगुवा, थाना मरका, जिला बांदा की सुपुर्दगी में दिया। रात करीब 7:45 बजे उपनिरीक्षक विक्टर द्वारा दोनों बच्चों को स्वस्थ हालत में परिजनों के सुपुर्द किया गया।
बच्चों को सुरक्षित पाकर उनके पिता भावुक हो गए और आरपीएफ की तत्परता एवं सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया।
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