बाँदा कृषि विश्वविद्यालय में ‘दीक्षारंभ–2026’ संपन्न, नवप्रवेशित विद्यार्थियों को मिली नई दिशा

बाँदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कृषि अभियांत्रिकी एवं तकनीकी महाविद्यालय में नवप्रवेशित बी.टेक. कृषि अभियांत्रिकी के विद्यार्थियों के...

Nov 3, 2026 - 18:11
Nov 3, 2026 - 18:11
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बाँदा कृषि विश्वविद्यालय में ‘दीक्षारंभ–2026’ संपन्न, नवप्रवेशित विद्यार्थियों को मिली नई दिशा

15 दिवसीय प्रेरण कार्यक्रम में 20 व्याख्यान और आठ सह-पाठ्यचर्या गतिविधियां आयोजित

बाँदा। बाँदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कृषि अभियांत्रिकी एवं तकनीकी महाविद्यालय में नवप्रवेशित बी.टेक. कृषि अभियांत्रिकी के विद्यार्थियों के लिए आयोजित 15 दिवसीय विद्यार्थी प्रेरण कार्यक्रम ‘दीक्षारंभ–2026’ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की छठी डीन समिति की संस्तुतियों के अनुरूप आयोजित यह कार्यक्रम 17 से 31 अक्टूबर 2026 तक चला।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, संस्थागत कार्यप्रणाली, उपलब्ध सुविधाओं तथा कृषि अभियांत्रिकी के नवीनतम आयामों से परिचित कराना था। इसके अंतर्गत महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा कुल 20 ज्ञानवर्धक व्याख्यान आयोजित किए गए।

व्याख्यानों में कृषि अभियांत्रिकी की संभावनाओं, विश्वविद्यालय के दृष्टिकोण, ध्येय एवं मूल्यों, शैक्षणिक नियमों, परीक्षा प्रणाली, उपस्थिति एवं मूल्यांकन व्यवस्था, छात्रवृत्ति, छात्र कल्याण, प्रयोगशाला एवं अनुसंधान सुविधाओं, साइबर सुरक्षा तथा समय प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई।

‘दीक्षारंभ–2026’ के दौरान आठ सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यचर्या गतिविधियां भी आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने वाद-विवाद, संगीत, प्रश्नोत्तरी, कविता, मॉडल निर्माण सहित विभिन्न रचनात्मक एवं मनोरंजक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी रुचियों, प्रतिभा और क्षमताओं को पहचानने का अवसर मिला। कार्यक्रम के अंतिम दिन ‘ग्रीन होराइजन’ (हरित क्षितिज) थीम के अंतर्गत पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

समापन सत्र में कृषि अभियांत्रिकी एवं तकनीकी महाविद्यालय के सह-अधिष्ठाता डॉ. रमेश पाल, मृदा एवं जल संरक्षण अभियांत्रिकी विभाग के सह-प्राध्यापक डॉ. संजीव कुमार तथा पाठ्यक्रम प्रशिक्षक-सह-कार्यक्रम समन्वयक डॉ. नीलम बुनकर सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। डॉ. दानिएल पी. कुशवाहा एवं डॉ. जे. हिमांशु राव ने कार्यक्रम के सह-समन्वयक के रूप में जिम्मेदारी निभाई। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के दौरान प्राप्त अनुभवों और सीख को साझा किया।

कार्यक्रम ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराने के साथ उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व, रचनात्मकता और सामूहिक कार्य की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ‘दीक्षारंभ–2026’ विद्यार्थियों के विश्वविद्यालय जीवन की सकारात्मक शुरुआत और उन्हें भविष्य की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

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