सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुपालन की मांग, बांदा में अनुदेशक शिक्षकों का छठवां क्रमिक अनशन
परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशक शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर रविवार को शहर के अंबेडकर पार्क...
बांदा। परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशक शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर रविवार को शहर के अंबेडकर पार्क में छठवां क्रमिक अनशन किया। अनुदेशकों ने सुप्रीम कोर्ट के 4 फरवरी 2026 के फैसले के अनुपालन, मानदेय में बढ़ोतरी और बकाया भुगतान की मांग उठाई। अनशन के बाद संगठन की ओर से ज्ञापन एलआईयू के माध्यम से प्रशासनिक अधिकारी राजबहादुर को सौंपा गया।
अनुदेशक शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले 14 वर्षों से अपने अधिकारों और मानदेय संबंधी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका आरोप है कि लंबे समय से मांग उठाने और न्यायिक प्रक्रिया का सहारा लेने के बावजूद उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिला है। संगठन के सदस्यों ने राज्य सरकार से सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
सुप्रीम कोर्ट ने मानदेय और बकाया भुगतान पर दिया था आदेश
अनुदेशक शिक्षकों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 4 फरवरी 2026 को यू.पी. जूनियर हाई स्कूल काउंसिल इंस्ट्रक्टर वेलफेयर एसोसिएशन बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य मामले में फैसला सुनाया था। न्यायालय ने 2017-18 से 17 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिए जाने और 1 अप्रैल 2026 से इस दर पर भुगतान शुरू करने का निर्देश दिया था। फैसले में बकाया राशि का भुगतान छह महीने के भीतर करने की बात भी कही गई थी। ।
अनुदेशक शिक्षकों का आरोप है कि राज्य सरकार फैसले के अनुरूप कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने सरकार से आदेश का पालन सुनिश्चित करने और अपनी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की। संगठन के सदस्यों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए ज्ञापन और अन्य माध्यमों से आवाज उठा रहे हैं।
अंबेडकर पार्क में जुटे शिक्षक, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
रविवार को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे शुरू हुआ क्रमिक अनशन लगभग तीन बजे ज्ञापन सौंपने के साथ संपन्न हुआ। अनशन में संगठन के जिलाध्यक्ष चंद्रसेन सिंह, महामंत्री संतोष यादव, उपाध्यक्ष सुधीर साहू, संयोजक आनंद यादव, रमाकांत यादव, महेश कुमार, राजकिशोर सचिन, डॉ. आदित्य नारायण, मनीष कुमार, जितेंद्र कुमार यादव और विमल कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
महिला विंग की ओर से जिलाध्यक्ष ज्योति वर्मा, उपाध्यक्ष अर्चना देवी, संगठन मंत्री कल्पना साहू, मोहिनी यादव, संध्या शिवहरे, सरिता भास्कर, वंदना देवी और संगीता देवी सहित अन्य महिलाओं ने भी अनशन में भाग लिया।
अनुदेशक शिक्षकों ने कहा कि वे शिक्षा व्यवस्था में अपनी भूमिका निभाते हुए अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने सरकार से सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप मानदेय और बकाया भुगतान के संबंध में जल्द कार्रवाई करने की मांग की।
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