मां अंबे की थीम पर मेहंदी एवं आर्ट प्रतियोगिता का आयोजन, बच्चियों ने दिखाई प्रतिभा
प्रभुता फाउंडेशन की ओर से मिशन शक्ति के अंतर्गत मां अंबे की थीम पर मेहंदी एवं आर्ट प्रतियोगिता का आयोजन भारतीय नवयुवक समाज...
बांदा। प्रभुता फाउंडेशन की ओर से मिशन शक्ति के अंतर्गत मां अंबे की थीम पर मेहंदी एवं आर्ट प्रतियोगिता का आयोजन भारतीय नवयुवक समाज, डीएवी स्कूल के पास किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मां अंबे की भक्ति, भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को बढ़ावा देने के साथ ही बच्चियों को अपनी कलात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करना रहा।
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता और हुनर का सुंदर प्रदर्शन किया। मां अंबे के विभिन्न स्वरूपों, धार्मिक प्रतीकों और भक्ति से जुड़ी कलाकृतियों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। मेहंदी के सुंदर डिजाइनों और रंगों से सजी कलाकृतियों ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। प्रतिभागियों ने अपनी कला के माध्यम से मां अंबे के प्रति श्रद्धा और आस्था को अभिव्यक्त किया।
बच्चियों को हुनर के जरिए रोजगार से जोड़ने की पहल
प्रभुता फाउंडेशन की इस पहल का उद्देश्य प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना, कला के प्रति रुचि बढ़ाना तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहित करना था। इसके साथ ही बच्चियों को उनके हुनर के माध्यम से रोजगारपरक अवसरों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन प्रभुता फाउंडेशन की सचिव श्रीमती रजनी गुप्ता ने किया। प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका नटराज संस्थान की संध्या दीक्षित, कालार्पण की कला विधा संयोजिका श्रीमती शिल्पी साहू तथा दिशा ब्यूटी पार्लर की अंजू शर्मा ने निभाई।
मेहंदी और चित्रकला प्रतियोगिता में इन प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
मेहंदी प्रतियोगिता में साक्षी रैकवार, आकांक्षा रैकवार, प्रतिभा सोनी, परी साहू, आस्था शर्मा और नंदनी सोनी ने प्रतिभाग किया। वहीं, चित्रकला प्रतियोगिता में बेबो सोनी, अनन्या साहू, प्रतिभा साहू, शगुन सोनी और राशि साहू ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम का समापन श्री अरुण निगम, नवीन निगम, श्रीमती प्रियंका, श्रीमती प्रेमा देवी साहू, श्री नीरज निगम और श्री कैलाश रैकवार की उपस्थिति में हुआ।
उत्साह और भक्तिमय वातावरण के बीच आयोजित इस कार्यक्रम ने कला, संस्कृति और मां अंबे की भक्ति का सुंदर संगम प्रस्तुत किया। प्रभुता फाउंडेशन की इस पहल के माध्यम से बच्चियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया गया।
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