डायट में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना को भूमि की हुई पैमाइश
जनपद में शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ करने तथा शिक्षक प्रशिक्षण एवं शैक्षिक नवाचारों को प्रभावी रूप से बढ़ावा...
चित्रकूट। जनपद में शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ करने तथा शिक्षक प्रशिक्षण एवं शैक्षिक नवाचारों को प्रभावी रूप से बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान शिवरामपुर को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किए जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्यवाही की गई।
डीएम पुलकित गर्ग के निर्देशों के क्रम में सोमवार को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए प्रस्तावित भूमि की स्थलीय पैमाइश एवं उपलब्ध भूमि का निरीक्षण किया गया। पैमाइश की कार्यवाही का नेतृत्व अमित सिंह नायब तहसीलदार सदर द्वारा किया गया। संबंधित राजस्व अधिकारियों, कर्मचारियों की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर भूमि की स्थिति, क्षेत्रफल एवं सीमाओं का स्थलीय सत्यापन किया गया। पैमाइश के दौरान सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए आवश्यक भूमि के संबंध में विस्तृत निरीक्षण किया। अभिलेख एवं स्थलीय स्थिति के अनुसार डायट को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए आवश्यक पांच हजार वर्ग मीटर भूमि से भी अधिक भूमि चिन्हित गाटा नंबर में मौके पर उपलब्ध है। इस अवसर पर डायट शिवरामपुर के प्राचार्य बीके शर्मा सहित संस्थान के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों द्वारा प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण करते हुए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के निर्माण एवं विकास से संबंधित आवश्यक बिंदुओं पर विचार विमर्श किया गया। बता दें कि प्रदेश सरकार की योजना है कि प्रदेश के समस्त जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा और पहले चरण में प्रदेश की 13 जनपद के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानो को सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा चुका है। जिसके लिए लगभग 10 करोड़ से अधिक की धनराशि प्रस्तावित है।
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