जिले में हवन यज्ञ के बाद मां अम्बे की प्रतिमाएं विसर्जित
दशहरा पर्व के बाद जिले में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार को निर्धारित स्थलों पर किया गया...
जिले में देवी भक्तो ने डीजे की धुन में नाचते थिरकते दी जगदजननी को विदाई
चित्रकूट। दशहरा पर्व के बाद जिले में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार को निर्धारित स्थलों पर किया गया। जिले में कुल 1052 स्थानों पर स्थापित प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर व्यवस्थाएं की गई थी। विसर्जन के पूर्व देवी पंडालों में पूजा-अर्चना कर श्रद्धालुओं ने नम आंखों के साथ मां दुर्गा को विदाई दी। विसर्जन को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन द्वारा पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई।
जिला मुख्यालय में गहिरानाथ तालाब, दुल्हिन तालाब, बनकट, दुर्गादास और खोही तालाब में बेहतर इंतेजामों के बीच दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। प्रशासन की ओर से विसर्जन स्थलों पर जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई। इसी प्रकार मऊ के कटिया तालाब में देवी प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में सजी देवी पांडालों में माँ दुर्गा की मूर्तियों का विसर्जन देवी भक्तों ने बड़े ही धूमधाम के साथ किया। प्रतिमाओं को विसर्जित करते समय भक्तों के आँखों से आंसू बहने लगे। स्थानीय प्रशासन ने पूर्व में ही मूर्ति विसर्जन की जगहों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरस्त कर ली थी। बरगढ़ के आदर्श तालाब, मानिकपुर कस्बे के विभिन्न वार्डों व ग्रामीण क्षेत्र मे झांकिया सजी थी। जिनके सुरक्षित विसर्जन को लेकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने शाँतिपूर्ण तरीके से गाजे-बाजे के साथ मूर्तियों का विसर्जन कराया। मानिकपुर थाना प्रभारी निरीक्षक ने सुरक्षा के मद्देनजर प्रमुख स्थलों में पर्याप्त पुलिस व राजस्व टीमों के साथ तैनात रहे। राजापुर कस्बे में चिल्लीराकस के गंगी तालाब में भक्ति भावना के साथ माँ जगदम्बा के नौ स्वरूपों का विसर्जन बड़े हर्षोल्लास के साथ किया गया। अंतिम दिन देवी भक्तों ने नम आंखों से रोते-बिलखते माँ की प्रतिमाओं का विसर्जन चिन्हित तालाबों में किया।
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