सांस्कृतिक कार्यक्रम : भक्ति रस की गंगा में गोता लगाते रहे दर्शक
राष्ट्रीय रामायण मेला में सांस्कृति कार्यक्रम की षुरूआत रघुबीर यादव झांसी के सुमधुर बुन्देलखण्डी भाषा के भजनों से हुयी...
चित्रकूट। राष्ट्रीय रामायण मेला में सांस्कृति कार्यक्रम की शुरूआत रघुबीर यादव झांसी के सुमधुर बुन्देलखण्डी भाषा के भजनों से हुयी। रूपेष मिश्रा संस्कृतिक विभाग सिद्धार्थ नगर जीटीवी सिंगर व फिल्मी गीतों के प्ले बैक सिंगर ने अपने भजनों से दर्शकों को भक्ति रस की गंगा में गोता लगाने के लिये मजबूर कर दिया। भजनों के पूर्व श्री गणेश वन्दना, आजा-आजा गणपति आजा, लड्डुवन के भोग लगा जा की प्रस्तुति दी। बेला गुलाब जूही चम्पा गुलनारी, फूलों से सज रहे अवध बिहारी भजन ने भाव विभोर कर दिया। दर्शकों के बीच पहुच कर गाया सजा दो चित्रकूट को गुलशन सा मेरे प्रभु श्रीराम आये है। सुप्रसिद्ध कलाकार ने अपने मनोहारी भजनों से हजारो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और दर्शक झूमने और नाचने, थिरकने लगे। तालियों की गड़गड़ाहट से पंडाल गुंजायमान हो गया।
डॉ अनु सिन्हा फाउन्डेशन फार कृष्ण कला एवं एजूकेशन सोसाइटी नोयडा के निर्देशन में सम्पूर्ण रामायण नृत्य नाटिका, ध्वनि एवं प्रकाश के माध्यम से लगभग चालीस कलाकारो द्वारा, उत्कृष्ठ अदभुत प्रस्तुति दी गयी। कलाकारों के जीवंत अभिनय की भूरि-भूरि प्रशंसा की। रामायण मेला परिसर राममय, भक्तिमय हो गया। नृत्य नाटिका के सजीव चित्रण में श्रीराम जन्म से लेकर राज्याभिषेक तक विभिन्न प्रसंगों का दिग्दर्शन कराया गया। सांस्कृतिक विशेष कार्यक्रमों में पूर्व सांसद भैंरो प्रसाद मिश्र, पूर्व विधायक दिनेश मिश्र, कार्यकारी अध्यक्ष प्रशांत करवरिया, डॉ. घनश्याम अवस्थी, मनोज द्विवेदी, प्रद्युम्न दुबे, राजाबाबू पाण्डेय, डॉ कमलेश थापक, एडीएम चन्द्रशेखर, एसडीएम सौरभ यादव आदि मौजूद रहे। संचालन महामंत्री डॉ करूणा शंकर द्विवेदी ने किया। देर रात तक भूपेश शर्मा वृन्दावन द्वारा रासलीला का मंचन किया गया।
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