बाँदा : तिंदवारी से नासा तक : डॉ. अशोक प्रजापति ने अंतरिक्ष मंच पर बढ़ाया भारत का मान

उत्तर प्रदेश के बांदा ज़िले के छोटे से कस्बे तिंदवारी से निकलकर अंतरिक्ष विज्ञान की ऊँचाइयों तक पहुँचे वैज्ञानिक डॉ. अशोक प्रजापति...

Feb 16, 2026 - 18:33
Feb 16, 2026 - 18:39
 0  21
बाँदा : तिंदवारी से नासा तक : डॉ. अशोक प्रजापति ने अंतरिक्ष मंच पर बढ़ाया भारत का मान
डॉ. अशोक प्रजापति, अंतरिक्ष विज्ञान, NASA

नासा की 2026 cFS कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता कर दिखाई वैश्विक नेतृत्व क्षमता

बांदा/तिंदवारी/नई दिल्ली/वर्जीनिया (अमेरिका)। उत्तर प्रदेश के बांदा ज़िले के छोटे से कस्बे तिंदवारी से निकलकर अंतरिक्ष विज्ञान की ऊँचाइयों तक पहुँचे वैज्ञानिक डॉ. अशोक प्रजापति ने एक बार फिर देश का नाम विश्व पटल पर गौरवान्वित किया है। वे तिंदवारी निवासी चुनुबाद प्रजापति के पुत्र हैं।

अमेरिका के वर्जीनिया राज्य में आयोजित NASA की प्रतिष्ठित 2026 core Flight System (cFS) कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता कर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा, सकारात्मक सोच और नेतृत्व क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

दुनिया भर से जुटे 360 अंतरिक्ष विशेषज्ञ

तीन दिनों तक चले इस वैश्विक सम्मेलन में लगभग 360 वैज्ञानिक, इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया, जबकि 120 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थान शामिल हुए। खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में विशेषज्ञों की उपस्थिति इस आयोजन की महत्ता को दर्शाती है।

सम्मेलन में European Space Agency (ESA), Swedish National Space Agency, तथा विश्व-प्रसिद्ध एयरोस्पेस कंपनियाँ Boeing, Northrop Grumman और Lockheed Martin के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

शैक्षणिक क्षेत्र से University of California, Berkeley और University of Maryland के वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं ने भी अपने शोध प्रस्तुत किए।

अंतरिक्ष यान का “मस्तिष्क” — cFS

यह सम्मेलन नासा के core Flight System (cFS) पर केंद्रित था, जिसे किसी भी अंतरिक्ष यान का “मस्तिष्क” माना जाता है। यही प्रणाली यान को दिशा देती है, पृथ्वी से संपर्क बनाए रखती है, आदेशों को समझती है और मिशन के दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सहायता करती है। चंद्रमा और मंगल मिशनों में इसकी भूमिका अत्यंत अहम मानी जाती है।

वरिष्ठ नेता का संबोधन

सम्मेलन में नासा की वरिष्ठ नेता केसी स्वेल्स ने मुख्य भाषण दिया। उन्होंने सुरक्षित और विश्वसनीय फ्लाइट सॉफ्टवेयर को भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों की रीढ़ बताते हुए कहा कि मानवता की चंद्रमा से मंगल तक की यात्रा इसी प्रकार की उन्नत तकनीकों पर निर्भर करेगी।

सकारात्मक सोच और प्रेरक व्यक्तित्व

डॉ. अशोक प्रजापति केवल एक कुशल वैज्ञानिक ही नहीं, बल्कि अपनी सकारात्मक मानसिकता और प्रेरक व्यक्तित्व के लिए भी जाने जाते हैं। उनके सहयोगियों के अनुसार, वे कठिन परिस्थितियों में भी आशावादी बने रहते हैं और अपनी टीम को निरंतर प्रेरित करते हैं।

“स्पेस के सेलिब्रिटी” से मिलने उमड़ी भीड़

कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रतिभागियों में डॉ. प्रजापति से मिलने की उत्सुकता स्पष्ट दिखी। छात्र, युवा इंजीनियर और अनुभवी वैज्ञानिक उनसे प्रेरणा लेने के लिए एकत्रित हुए। अंतरिक्ष तकनीक में उनके योगदान के कारण उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर “स्पेस के सेलिब्रिटी” के रूप में भी पहचाना जाता है।

🇮🇳 छोटे कस्बे से वैश्विक मंच तक

अपने संबोधन में डॉ. प्रजापति ने कहा कि इतने बड़े अंतरिक्ष मिशन किसी एक संस्था के बल पर संभव नहीं होते। उद्योग, विश्वविद्यालय और सरकार के संयुक्त प्रयास से ही भविष्य के अंतरिक्ष अभियान सफल हो सकते हैं।

तिंदवारी जैसे छोटे कस्बे से निकलकर विश्व स्तर पर नेतृत्व करना उनकी असाधारण उपलब्धि है। उनकी सफलता यह सिद्ध करती है कि प्रतिभा किसी स्थान की मोहताज नहीं होती।

संघर्ष से शिखर तक

साधारण परिवार से आने वाले डॉ. प्रजापति ने अपनी मेहनत, लगन और सकारात्मक सोच के बल पर अंतरिक्ष विज्ञान के शीर्ष स्तर तक स्थान बनाया। आज वे मिशन-क्रिटिकल फ्लाइट सॉफ्टवेयर के क्षेत्र के अग्रणी विशेषज्ञों में गिने जाते हैं और कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित हो चुके हैं।

पूरे देश के लिए प्रेरणा

तिंदवारी का यह बेटा आज सितारों के बीच भारत का नाम रोशन कर रहा है। उनकी कहानी हर गाँव और हर बच्चे के लिए प्रेरणा है—

“सपने बड़े हों, हौसले मजबूत हों और सोच सकारात्मक — तो गाँव से निकलकर अंतरिक्ष तक पहुँचना भी संभव है।”

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0