विश्व अल्जाइमर दिवस पर बांदा में जागरूकता कार्यक्रम, वृद्धजनों के मानसिक स्वास्थ्य पर जोर

विश्व अल्जाइमर दिवस के अवसर पर जनपद बांदा में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत वृद्धजनों के मानसिक स्वास्थ्य और...

Sep 21, 2026 - 18:19
Sep 21, 2026 - 18:20
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विश्व अल्जाइमर दिवस पर बांदा में जागरूकता कार्यक्रम, वृद्धजनों के मानसिक स्वास्थ्य पर जोर

वृद्ध आश्रम में स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर, जिला चिकित्सालय में हुई गोष्ठी; लक्षण दिखने पर समय से चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह

बांदा। विश्व अल्जाइमर दिवस के अवसर पर जनपद बांदा में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत वृद्धजनों के मानसिक स्वास्थ्य और अल्जाइमर रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। वृद्ध आश्रम में स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर तथा जिला चिकित्सालय में जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह के निर्देश पर तथा जिला नोडल अधिकारी एनसीडी डॉ. मुकेश पहाड़ी की देखरेख में किया गया। शिविर में वृद्धजनों के स्वास्थ्य की जांच की गई। साथ ही अल्जाइमर रोग के लक्षण, बचाव और समय पर चिकित्सकीय परामर्श के महत्व की जानकारी दी गई।

भूलने की समस्या को नजरअंदाज न करें

गोष्ठी में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक गुप्ता ने अल्जाइमर रोग के प्रमुख लक्षणों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भूलने की समस्या बढ़ना, दैनिक कार्यों में कठिनाई, परिचित लोगों और स्थानों को पहचानने में परेशानी, व्यवहार में बदलाव तथा निर्णय लेने की क्षमता में कमी जैसे लक्षणों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने ऐसे लक्षण दिखाई देने पर समय से चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी।

क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. रिजवान हाशमी ने वृद्धजनों के मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक सहयोग और परिवार के सदस्यों की भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने वृद्धजनों के साथ परिवार के सहयोग और संवाद को महत्वपूर्ण बताया।

योग, सामाजिक सक्रियता और रचनात्मक गतिविधियों पर जोर

वृद्ध आश्रम में अनुश्रवण एवं मूल्यांकन अधिकारी नरेंद्र कुमार मिश्रा ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और जागरूकता के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने याददाश्त को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित योग एवं प्राणायाम करने, परिवार के साथ समय बिताने और सामाजिक रूप से सक्रिय रहने की सलाह दी। साथ ही मोबाइल फोन के अनावश्यक और अत्यधिक प्रयोग को कम करने पर जोर दिया।

साइकियाट्रिक नर्स त्रिभुवन नाथ ने मानसिक रूप से सक्रिय रहने के लिए पढ़ने, बातचीत करने और रुचि के रचनात्मक कार्यों में समय देने की सलाह दी। वृद्ध आश्रम के मैनेजर श्याम किशोर त्रिवेदी ने कहा कि वृद्धजनों के साथ धैर्य, सम्मान और संवेदनशील व्यवहार उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में फार्मासिस्ट आनंद कुमार एवं नर्स आरती ने विशेष सहयोग किया। इस अवसर पर अनुपम त्रिपाठी और अशोक कुमार भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि बढ़ती उम्र में भूलने की समस्या को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि याददाश्त में लगातार कमी, व्यवहार में बदलाव या दैनिक कार्यों में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें तो समय से चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार लेना चाहिए।

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