डायट में प्रधानाध्यापकों के तीन दिवसीय समर्थ प्रशिक्षण का भव्य शुभारंभ
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान शिवरामपुर, में उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के शैक्षणिक व प्रशासनिक कौशल संवर्धन हेतु...
चित्रकूट। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान शिवरामपुर, में उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के शैक्षणिक व प्रशासनिक कौशल संवर्धन हेतु तीन दिवसीय समर्थ मॉड्यूल आधारित प्रशिक्षण के विशेष चरण का गुरुवार को गरिमामय शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन डायट प्राचार्य श्री बी. के. शर्मा द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस 03 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों के संस्था प्रमुखों में कुशल नेतृत्व, सुदृढ़ प्रशासनिक क्षमता तथा उत्कृष्ट शैक्षणिक गुणवत्ता का बेहतर समन्वय स्थापित करना है, जिससे वे अपने विद्यालयों का कुशल मार्गदर्शन कर सकें।
प्रशिक्षण के प्रथम दिवस का शुभारंभ संभागियों के पंजीकरण, सर्वधर्म प्रार्थना तथा प्री-टेस्ट के साथ हुआ। जिसका कुशल प्रबंधन प्रवक्ता मोहित कुमार सिंह द्वारा किया गया। द्वितीय सत्र में संदर्भदाता अखिलेश पांडेय ने प्रधानाध्यापक एक सफल नेतृत्वकर्ता, प्रशासक एवं प्रबंधक विषय पर विस्तृत प्रकाश डाला। दोपहर के भोजनावकाश के उपरांत आयोजित तृतीय सत्र में संदर्भदाता श्री महेश प्रसाद ने विद्यालय संसाधन प्रबंधन में प्रधानाध्यापकों की भूमिका व जिम्मेदारियों पर अपने विचार साझा किए। वहीं प्रथम दिवस के अंतिम सत्र में श्सामुदायिक सहभागिता एवं विद्यालय विकास योजना विषय पर अखिलेश पांडेय एवं ओ.पी. सिंह ने व्यावहारिक तकनीकों व रणनीतियों से प्रतिभागियों को अवगत कराया।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डायट प्राचार्य बी. के. शर्मा ने कहा कि प्रधानाध्यापक केवल एक पद नहीं, अपितु विद्यालय की संपूर्ण व्यवस्था, दिशा और दशा को नई ऊंचाई देने वाला मुख्य आधार स्तंभ है। उन्होंने उपस्थित सभी प्रधानाध्यापकों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त प्रबंधकीय एवं नेतृत्व कौशलों को अपने-अपने विद्यालयों में पूरी निष्ठा से लागू करें, ताकि बेसिक शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण व सुदृढ़ बनाया जा सके।
विशेष बात यह है कि इस प्रशिक्षण कार्यशाला में सभी प्रतिभागी विभिन्न क्रियाकलापों के माध्यम से करके सीखने की व्यावहारिक पद्धति पर जोर दे रहे हैं, जिससे शिक्षण व प्रबंधन की बारीकियों को आसानी से आत्मसात किया जा सके।
संपूर्ण प्रशिक्षण प्रक्रिया को प्रामाणिक एवं डेटा-आधारित बनाने के उद्देश्य से प्रवक्ता मोहित कुमार सिंह द्वारा प्री-टेस्ट व पोस्ट-टेस्ट का निर्माण और डेटा विश्लेषण का कार्य संपादित किया जा रहा है, जबकि सत्रों के सफल एवं तकनीकी संचालन में सहायक के रूप में पुष्पेंद्र सिंह का सराहनीय योगदान रहा। आगामी दो दिनों के दौरान निर्धारित पाठ्यक्रमानुसार अग्रिम मॉड्यूल पर व्यावहारिक गतिविधियां एवं गहन विचार-विमर्श आयोजित किए जाएंगे।
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