महानवमी पर भक्ति और उल्लास से सराबोर रहा जनपद

शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर सोमवार को धर्मनगरी मां दुर्गा की भक्ति और उल्लास में सराबोर नजर आई। शहर से लेकर कस्बों तक सजे देवी पंडालों

Oct 20, 2026 - 14:23
Oct 20, 2026 - 14:24
 0  2
महानवमी पर भक्ति और उल्लास से सराबोर रहा जनपद

आकर्षक सजावट देखने को दर्शकों की देर रात तक लगी रही कतार

चित्रकूट। शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर सोमवार को धर्मनगरी मां दुर्गा की भक्ति और उल्लास में सराबोर नजर आई। शहर से लेकर कस्बों तक सजे देवी पंडालों में आकर्षक सजावट और रंग-बिरंगी विद्युत झालरों की चमक श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचती रही। मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन के लिए भक्तों की आवाजाही बनी रही। हर पंडाल को दूसरे से अधिक भव्य और आकर्षक बनाने की होड़ दिखाई दी। कहीं मंदिरों की तर्ज पर भव्य प्रवेश द्वार बनाए गए तो कहीं रंगीन रोशनी, फूलों और सजावटी कलाकृतियों से पंडालों को मनमोहक रूप दिया गया। महानवमी पर पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने नवरात्रि के उत्साह को और बढ़ा दिया।

नवमी पर श्रद्धालुओं ने विधिविधान से मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली और कल्याण की कामना की। कई घरों और देवी पंडालों में दुर्गा सप्तशती का पाठ, मंत्रोच्चार, आरती और हवन-यज्ञ के आयोजन हुए। हवन के दौरान श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर विश्व कल्याण और परिवार की सुख शांति की प्रार्थना की। इसी प्रकार आयोजकों ने कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनके चरण पूजे, तिलक लगाया और भोजन कराकर दक्षिणा व उपहार भेंट किए। धार्मिक मान्यता है कि कन्या पूजन के माध्यम से मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट किया जाता है। कई परिवारों ने घरों में कन्या भोज कराकर नवरात्रि व्रत का पारायण किया। 

नवरात्रि में धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक उत्सव का रंग भी देखने को मिला। कुछ स्थानों पर गरबा और डांडिया के कार्यक्रमों में महिलाएं और युवतियां पारंपरिक परिधानों में शामिल हुईं। देवी गीतों और संगीत की धुन पर गरबा-डांडिया करते प्रतिभागियों ने माहौल को उत्सवी बना दिया। बच्चों और युवाओं में भी पर्व को लेकर खास उत्साह रहा। देवी पंडालों में आकर्षक साजसज्जा के साथ भक्ति गीत और आरती श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने रहे। आयोजन समितियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पंडालों में व्यवस्थाएं संभालीं। महानवमी के अवसर पर पूजा-पाठ, हवन, कन्या भोज और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए चित्रकूट में आस्था, परंपरा और सामाजिक सहभागिता का अनूठा संगम दिखाई दिया। नवरात्रि के अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0