सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बही भक्ति की रसधार
रामायण मेला सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भक्ति रसधार बही। संगीता राय प्रयागराज के गायन से सभा का प्रारम्भ हुआ...
चित्रकूट। रामायण मेला सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भक्ति रसधार बही। संगीता राय प्रयागराज के गायन से सभा का प्रारम्भ हुआ। उन्होने भजन एवं लोकगीतों से दर्षकों को खूब आनन्दित किया। पीपर के पात झरि झाला, अंगनवाँ कैसे बुहारूँ के गायन लोक संवेदना अभिव्यक्त हुई। अन्तर्राष्ट्रीय भजन गायिका वाराणसी के भजनों का भी दर्षकों ने भरपूर आनंद लिया।
आकाषवाणी प्रयागराज द्वारा कार्यक्रम रामेति इति राम कार्यक्रम का षुभारम्भ सुगम संगीत, भजन एवं लोकगीतों की प्रस्तुतियों से हुआ। अंतिम प्रस्तुति सीता स्वयंबर नाटक के साथ सम्पन्न हुई। इस अवसर पर आकाषवाणी के अधिकारी सुन्दरम तिवारी, मो षमीम, मिश्रा जी आदि और अपर जिलाधिकारी न्यायिक अरूण कुमार यादव, उप जिलाधिकारी सौरभ यादव, संयुक्त निदेषक पर्यटन आरके रावत सहित मेला के कार्यकारी अध्यक्ष प्रषांत करवरिया, महामंत्री डॉ करूणा षंकर द्विवेदी, डॉ घनष्याम अवस्थी, राजाबाबू पांडेय, राजेन्द्र मोहन त्रिपाठी, ज्ञानचन्द्र गुप्ता, प्रद्युम्न कुमार, मो यूसुफ, नत्थू प्रसाद सोनकर, मो इम्तियाज आदि मौजूद रहे। आकाषवाणी की ओर से अषोक मनोरंजक प्रस्तुति दी।
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