कालिंजर महोत्सव में खादी सेमिनार का आयोजन, युवाओं को सस्टेनेबल फैब्रिक के रूप में खादी अपनाने का आह्वान
उ.प्र. खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग कार्यालय, चित्रकूटधाम मण्डल-बाँदा द्वारा कालिंजर महोत्सव के अवसर पर खादी के शोध...
उ.प्र. खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा मण्डल स्तरीय कार्यक्रम, जनजागरूकता पर दिया गया जोर
बांदा। उ.प्र. खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग कार्यालय, चित्रकूटधाम मण्डल-बाँदा द्वारा कालिंजर महोत्सव के अवसर पर खादी के शोध, डिजाइन, मानकीकरण एवं प्रचार-प्रसार योजना के अंतर्गत मण्डल स्तरीय खादी सेमिनार का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में खादी को पर्यावरण अनुकूल, स्वदेशी, प्राकृतिक एवं सस्टेनेबल फैब्रिक के रूप में प्रस्तुत करते हुए आमजन को इसके महत्व से अवगत कराया गया। वक्ताओं ने बताया कि खादी न केवल आत्मनिर्भर भारत की पहचान है, बल्कि यह आधुनिक फैशन जगत में भी अपनी विशेष पहचान बना रही है। युवाओं को खादी को आधुनिक फैशन फैब्रिक के रूप में अपनाने और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार का आह्वान किया गया।
जनप्रतिनिधि व अधिकारी रहे उपस्थित
सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती ओममणि बर्मा, विधायिका नरैनी विधानसभा उपस्थित रहीं। इसके अतिरिक्त मुख्य विकास अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायती राज अधिकारी, खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, स्कूल एवं कॉलेज के छात्र-छात्राएं, किसान, तकनीकी एवं व्यवसायिक संस्थानों के शिक्षक तथा कार्यालय के समस्त स्टाफ मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान खादी के इतिहास, निर्माण प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकीकरण एवं रोजगार सृजन में इसकी भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि खादी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देती है और स्थानीय कारीगरों को रोजगार उपलब्ध कराती है।
कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय योगेन्द्र कुमार, प्रबंधक (खादी तथा ग्रामोद्योग), परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी, चित्रकूटधाम मण्डल-बाँदा द्वारा किया गया।
सेमिनार के माध्यम से खादी को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और उसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में सार्थक पहल की गई।
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