कृषि विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय बाल विकास कौशल दक्षता कार्यशाला आयोजित

सेवा संकल्प अभियान (17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026) के अंतर्गत बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की क्षमता...

Oct 16, 2026 - 18:13
Oct 16, 2026 - 18:16
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कृषि विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय बाल विकास कौशल दक्षता कार्यशाला आयोजित

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बाल विकास एवं शालापूर्व शिक्षा का प्रशिक्षण, शिक्षाप्रद खेल सामग्री बनाने की दी गई जानकारी

बांदा। सेवा संकल्प अभियान (17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026) के अंतर्गत बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से तीन दिवसीय ‘बाल विकास कौशल दक्षता कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। 13 से 15 अक्टूबर तक आयोजित इस कार्यशाला का संचालन विश्वविद्यालय के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यशाला विश्वविद्यालय के ग्रामीण महिला कौशल एवं उद्यमिता विकास केंद्र में आयोजित हुई।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। यह आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.वी.एस. राजू के निर्देशन में किया गया। उद्घाटन अवसर पर उद्यान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एस.वी. द्विवेदी, कृषि अभियांत्रिकी के सह-अधिष्ठाता डॉ. रमेश पाल मौर्य, जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप कुमार पांडेय तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी अर्चना तिवारी उपस्थित रहीं।

बच्चों के सर्वांगीण विकास पर दिया गया जोर

कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की सह-अधिष्ठाता डॉ. वंदना कुमारी ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। तीन से छह वर्ष की आयु के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों में शालापूर्व शिक्षा प्रदान करने में कार्यकत्रियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसी उद्देश्य से उन्हें बच्चों के सर्वांगीण विकास, सीखने की प्रक्रिया और शैक्षणिक गतिविधियों के प्रभावी संचालन के लिए प्रशिक्षित किया गया।

100 आंगनबाड़ी किट के बेहतर उपयोग का प्रशिक्षण

जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि कार्यशाला के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में वितरित की गई 100 आंगनबाड़ी किट के बेहतर उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य इन किट में उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से बच्चों की सीखने की क्षमता और विकासात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना रहा।

शिक्षाप्रद खेल सामग्री बनाना सीखा

कार्यशाला के तकनीकी सत्र में बाल विकास विशेषज्ञ डॉ. वंदना कुमारी ने ‘बालकों के समग्र विकास में आंगनबाड़ी केंद्र की भूमिका’ विषय पर जानकारी दी। सहायक प्राध्यापक डॉ. पूर्वी निषाद के सहयोग से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने केंद्रों में उपयोग की जाने वाली शिक्षाप्रद खेल सामग्री भी तैयार की। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में सीखने के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम का मंच संचालन सहायक प्राध्यापक एवं आयोजक सचिव डॉ. पूर्वी निषाद ने किया। अंत में सहायक प्राध्यापक एवं सह-आयोजक सचिव डॉ. दीप्ति भार्गव ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यशाला के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रारंभिक बाल शिक्षा और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

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