सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन में हुए चुनाव में बुंदेलखंड से प्रथम महिला अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह ने लगातार दूसरी बार विजयी हासिल की

महोबा जिले के बिलबई गांव के निवासी प्रोफेसर मदन मोहन राजपूत की पुत्र-वधू अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह ने लगातार सुप्रीम कोर्ट..

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन में हुए चुनाव में बुंदेलखंड से प्रथम महिला अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह ने लगातार दूसरी बार विजयी हासिल की
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन में हुए चुनाव में बुंदेलखंड से प्रथम महिला अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह..

महोबा जिले के  बिलबई गांव के  निवासी  प्रोफेसर मदन मोहन राजपूत की पुत्र-वधू अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह ने लगातार सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन में हुए चुनाव में  मेंबर एग्जीक्यूटिव के लिए लगातार दूसरी बार विजयी हुई है। अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह वर्ष 2021-2022 के लिए भी पिछले साल हुए चुनाव में विजय प्राप्त की थी तब  वह महोबा  जिले ही नहीं बल्कि पूरे बुंदेलखंड की प्रथम महिला या पुरुष थी  उन्होंने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन में हुए चुनाव में विजय प्राप्त की है, अभी उन्होंने यह कारनामा लगातार दूसरी बार किया है तथा इस बार उनको  कुल 42 उम्मीदवारों  को पीछे छोड़ते हुए रिकार्ड मतों से विजय प्राप्त की तथा सभी 18 राउंड की वोटों की गिनती में टॉप पर रही, जो अपने आप में  रिकार्ड है ।

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इस बार का चुनाव उन्होंने कोई लाग लपेट न करते हुए अपने पिछले कार्यकाल के कार्यो को आधार बनाते हुए वोट देने की अपील की। जिसमे उनके द्वारा किये गए प्रमुख कार्यों में  पिछले साल अप्रैल-मई  2021 में कोविड की सबसे खतरनाक दूसरी लहर में दिल्ली की जनता और अधिवक्ताओं के लिए ऑक्सीजन उपलब्ध करना हो , अस्पताल में भर्ती करना हो या फिर अधिवक्ताओं के परिवार को जो कोविड से संक्रमित रहे उन्हें आर्थिक मदद पहुचानी हो जैसे कार्य प्रमुखता से किये।  जब पूरे देश में वैक्सीन की शुरुआत हुई थी तब हर जगह वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो पा रही थी लेकिन अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह के विशेष प्रयास से उस समय सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं और उनके परिवार के सदस्यों के लिए वैक्सीन का कैम्प ही सर्वोच्च न्यायालय में शुरू करवा दिया था। इसके अलावा सर्वोच्च न्यायलय के कोविड से पीड़ित अधिवक्ताओ को 20 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद भी प्रदान की गई। 

स्वामी ब्रम्हानंद जी की अनुयायी अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह ने हमेशा ही जनकल्याणकारी कार्य किये है चाहे वो दिल्ली में किये हो या बुंदेलखंड के किसानो और पिछड़े लोगो की बात हो हमेशा ही उन्होंने आगे बढ़ कर मदद की है, बुंदेलखंड में किये गए उनके प्रमुख जनकल्याणकारी कार्यों में गरीब किसानों के लिए सर्वोच्च न्यायालय, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल तथा अन्य न्यायालय पर में पैरवी करना, जनवरी 2022 में  बुंदेलखंड के हमीरपुर तथा महोबा क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि से नुक्सान के लिए सबसे पहले मुख्यमंत्री से राहत राशि  किसानो के खाते में मांगने की बात हो (जिसे उप्र के मुह्यमंत्री ने मान लिया था ), मछुआरा समुदाय के लोगो के लिए उनके मछली पालन के किये तालाबों से अवैध कब्ज़ा हटवाने की बात हो या फिर इसके अलावा महिलाओ /बालिकाओ पर हो रहे शोषण की बात हो, बालिकाओ की शिक्षा की बात हो सभी कार्यो में अपने हमीरपुर-महोबा के अलावा पूरे बुंदेलखंड के लिए कार्य किये है। अधिवक्ता सीमा सिंह बहुत से अन्य संगठनो से भी जुडी है जो पर्यावरण, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ  जैसे जनहित के कार्य करते है।

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अधिवक्ता सीमा पटनाहा सिंह वर्तमान में भारत सरकार तथा मध्य प्रदेश सरकार की सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक अधिवक्ता के तौर पर  कार्य कर रही है। इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ ज्यूरिस्ट लंदन में मानवाधिकार की विभाग की सचिव के पद 2017 से कार्यरत है जिसमे वह अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार के मामले देखती है तथा समय समय पर भारत का प्रतिनिधित्व भी विश्व के कई देशों में कर चुकी है। 

पूरे बुंदेलखंड विशेष रूप से हमीरपुर-महोबा की जनता उन्हें आने वाले समय में अपने  नेता रूप में देखना चाहेगी, क्योकि जनता को बुंदेलखंड की समस्याओं को अब दिल्ली में आवाज उठाने वाला पढ़ा लिखा समस्याओं को सुनने वाला प्रतिनिधि सीमा पटनाहा सिंह में दिखाई देने लगा है। आने वाले समय में जनता भी चाहेगी की आधिकारिक रूप से सीमा पटनाहा सिंह  दिल्ली में बुंदेलखंड की आवाज बने।

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