चित्रकूट-बांदा नरपिशाच कांड : दरिंदे JE और उसकी पत्नी को फांसी की सजा

उत्तर प्रदेश के चर्चित और रूह कंपा देने वाले 'चित्रकूट बाल यौन शोषण कांड' में आज न्याय की बड़ी जीत हुई है...

Feb 20, 2026 - 16:44
Feb 20, 2026 - 17:12
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चित्रकूट-बांदा नरपिशाच कांड : दरिंदे JE और उसकी पत्नी को फांसी की सजा

ऐतिहासिक फैसला: 34 मासूमों से दरिंदगी और पोर्नोग्राफी के दोषियों को 'मृत्युदंड'

बांदा/चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के चर्चित और रूह कंपा देने वाले 'चित्रकूट बाल यौन शोषण कांड' में आज न्याय की बड़ी जीत हुई है। बांदा की विशेष पॉक्सो (POCSO) कोर्ट ने 34 से अधिक मासूम बच्चों के साथ दरिंदगी करने वाले सिंचाई विभाग के निलंबित जूनियर इंजीनियर (JE) रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को सजा-ए-मौत सुनाई है। न्यायाधीश प्रदीप कुमार मिश्रा ने दोनों दोषियों को 'मरते दम तक फांसी के फंदे पर लटकाए रखने' का ऐतिहासिक आदेश जारी किया।

मुख्य बिंदु: क्या था पूरा मामला?

  • गिरफ्तारी: 18 नवंबर 2020 को सीबीआई (CBI) ने चित्रकूट की एसडीएम कॉलोनी स्थित एक किराए के मकान से रामभवन को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

  • कृत्य: आरोपी रामभवन मासूम बच्चों को लालच देकर उनका यौन शोषण करता था। उसकी पत्नी दुर्गावती इस घिनौने काम में बराबर की भागीदार थी।

  • डिजिटल अपराध: दोनों मिलकर मासूमों के अश्लील वीडियो बनाते थे और उन्हें अंतरराष्ट्रीय पोर्न वेबसाइटों पर मोटी रकम के बदले बेचते थे।

  • साक्ष्य: सीबीआई को जांच के दौरान भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, लैपटॉप और मोबाइल फोन मिले थे, जिनमें बच्चों के साथ की गई दरिंदगी के वीडियो मौजूद थे।

अदालत की सख्त टिप्पणी

फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने इस मामले को 'दुर्लभ से दुर्लभतम' (Rarest of Rare) की श्रेणी में रखा। कोर्ट ने माना कि समाज की रक्षा करने वाले एक सरकारी पद पर तैनात व्यक्ति ने न केवल मासूमों का बचपन छीना, बल्कि मानवता को भी शर्मसार किया। 5 साल के लंबे इंतजार के बाद आए इस फैसले से पीड़ितों के परिजनों ने राहत की सांस ली है। कोर्ट ने जिलाधिकारी को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रत्येक पीड़ित को 10-10 लाख रुपये की धनराशि प्रदान करें।

सिंचाई विभाग का 'कलंकी' चेहरा

रामभवन सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर तैनात था। सरकारी पद की आड़ में वह पिछले कई वर्षों से इस नेटवर्क को चला रहा था। सीबीआई ने बांदा कोर्ट में इस मामले की पैरवी अत्यंत मजबूती से की, जिसके परिणामस्वरूप आज दोषियों को उनके अंजाम तक पहुँचाया गया।

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