सावधान! LPG अपडेट के नाम पर खाली हो रहे हैं बैंक खाते; साइबर ठगों ने अपनाया नया पैंतरा

राजधानी और आसपास के इलाकों में साइबर ठगों ने अब एलपीजी गैस आपूर्ति को अपना नया हथियार बना लिया है। गैस की किल्लत और केवाईसी...

Mar 14, 2026 - 11:06
Mar 14, 2026 - 11:09
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सावधान! LPG अपडेट के नाम पर खाली हो रहे हैं बैंक खाते; साइबर ठगों ने अपनाया नया पैंतरा
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खास बातें:

  • एलपीजी केवाईसी (KYC) और पेंडिंग बिल के नाम पर भेजे जा रहे हैं फर्जी लिंक।

  • लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक और व्हाट्सएप का एक्सेस खो रहे हैं लोग।

  • पुलिस के पास पहुंची शिकायतों में बढ़ोतरी, आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि की सलाह।

नई दिल्ली। राजधानी और आसपास के इलाकों में साइबर ठगों ने अब एलपीजी गैस आपूर्ति को अपना नया हथियार बना लिया है। गैस की किल्लत और केवाईसी अपडेट से जुड़ी खबरों का फायदा उठाकर ये ठग मासूम लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। हाल ही में एक कामकाजी महिला के साथ हुई धोखाधड़ी ने इस नए खतरे की ओर सबका ध्यान खींचा है।

कैसे बुना जाता है ठगी का जाल?

पीड़ित महिला के अनुसार, उन्हें एक एसएमएस (SMS) प्राप्त हुआ जिसमें चेतावनी दी गई थी कि उनका "एलपीजी भुगतान बकाया है और तुरंत भुगतान न करने पर गैस आपूर्ति रोक दी जाएगी।" गैस किल्लत की खबरों से डरी महिला ने जैसे ही संदेश में दिए गए लिंक पर क्लिक किया, उनका पूरा फोन हैक हो गया।

हैकर्स ने न केवल उनके बैंक खाते से अनधिकृत (Unauthorized) भुगतान के अनुरोध जेनरेट किए, बल्कि उनका व्हाट्सएप अकाउंट भी अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस के मुताबिक, यह कोई अकेला मामला नहीं है; आजकल स्टेशनों पर इस तरह की शिकायतों की बाढ़ आई हुई है।

इन संदेशों से रहें सतर्क

साइबर अपराधी आमतौर पर निम्नलिखित विषयों का उपयोग कर लिंक भेजते हैं:

  1. "एलपीजी केवाईसी (KYC) लंबित है, तुरंत अपडेट करें।"

  2. "गैस सिलेंडर के लिए आधार लिंक करना अनिवार्य है।"

  3. "आपूर्ति जारी रखने के लिए बकाया बिल का भुगतान तुरंत करें।"

विशेषज्ञों की राय: क्या करें और क्या न करें?

साइबर विशेषज्ञों और पुलिस विभाग ने नागरिकों के लिए एडवायजरी जारी की है:

  • संदेह करें: किसी भी अनजान नंबर से आए एसएमएस या व्हाट्सएप लिंक पर कभी क्लिक न करें।

  • आधिकारिक ऐप का प्रयोग करें: भुगतान या केवाईसी के लिए केवल 'इंडियन ऑयल', 'एचपी पे' या 'भारत गैस' के आधिकारिक मोबाइल ऐप या वेबसाइट का ही उपयोग करें।

  • पुष्टि करें: यदि ऐसा कोई मैसेज आता है, तो अपनी स्थानीय गैस एजेंसी पर जाकर या उनके आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके पुष्टि करें।

  • सावधानी ही बचाव है: अपने परिवार और सहकर्मियों को भी इस तरह के संदेशों के प्रति जागरूक करें।

यदि आप किसी भी तरह की धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

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