ग्रहण के कारण रुकेगी होली की तैयारी? पढ़िए पूरी जानकारी...
इस प्रकार सूतक की अवधि लगभग 9 घंटे 26 मिनट की होगी। सूतक काल में मंदिरों के पट बंद रहेंगे और पूजा-पाठ, मूर्ति स्पर्श, तथा मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी...
स्नान-दान का पुण्यकाल, दोपहर 3:21 से शुरू होगा ग्रस्तोदय चंद्र ग्रहण
बांदा। फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि इस वर्ष 3 मार्च को पड़ रही है। इसी दिन वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण भी लगेगा, जिससे धार्मिक दृष्टि से दिन का महत्व और बढ़ गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह ग्रस्तोदय चंद्र ग्रहण होगा, जो भारत के कुछ हिस्सों में ही दिखाई देगा।
दोपहर 3:21 से शाम 6:46 तक रहेगा ग्रहण
ग्रहण दोपहर 3:21 बजे से प्रारंभ होकर शाम 6:46 बजे तक रहेगा। ग्रहण काल की अवधि लगभग साढ़े तीन घंटे की होगी। ग्रहण का समापन शाम 6:46 बजे होगा।
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सुबह 9:20 बजे से लगेगा सूतक
ग्रहण से पहले सूतक काल प्रातः 9:20 बजे से प्रारंभ होकर शाम 6:46 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस प्रकार सूतक की अवधि लगभग 9 घंटे 26 मिनट की होगी। सूतक काल में मंदिरों के पट बंद रहेंगे और पूजा-पाठ, मूर्ति स्पर्श, तथा मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी।
2 मार्च से शुरू होगी पूर्णिमा तिथि
पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 2 मार्च को शाम 5:55 बजे से होगा और 3 मार्च को शाम 5:07 बजे इसका समापन होगा। श्रद्धालु 3 मार्च को प्रातःकाल स्नान-दान, जप-तप एवं धार्मिक अनुष्ठान कर पुण्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
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होली से जुड़े कार्य स्थगित
चूंकि यह पूर्णिमा होली पर्व से भी जुड़ी होती है, इसलिए ग्रहण और सूतक के कारण होली से संबंधित मांगलिक कार्य, पूजन एवं तैयारियां ग्रहण काल में नहीं की जाएंगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान कर शुद्धि के पश्चात ही अन्य कार्य किए जाएंगे।
ज्योतिषाचार्यों ने लोगों से अपील की है कि ग्रहण काल में सावधानी बरतें, विशेषकर गर्भवती महिलाएं घर के भीतर रहें और धार्मिक नियमों का पालन करें।
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