पंच दिवसीय रामायण मेला के समापन दिवस पर खेली गई फूलों की होली
भगवान श्रीराम की कर्मभूमि में विगत पंच दिवसीय रामायण मेला के संकल्प/समापन दिवस पर राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सर्वप्रथम...
चित्रकूट। भगवान श्रीराम की कर्मभूमि में विगत पंच दिवसीय रामायण मेला के संकल्प/समापन दिवस पर राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सर्वप्रथम लोकगायिका अर्चना कोटार्य-झांसी ने अपने ‘भजन‘ “देवीदुर्गा ने दियो वरदान हमारे घर राम आ गये” से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राम जन्मोत्सव पर लोकगीत, बधाई गीत-‘सजर ही आज अयोध्या में बाजे बधाई‘, बिनु पग धोये न करिहौ गंगा पारहरी आदि भजनों से मंत्रमुग्ध कर दिया। डॉ राजा पाण्डेय ने “बोलो राजा राम राम-राजा राम राम” भजन प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शास्त्रीय संगीत गायिका डॉ अर्चना म्यहसर वाराणसी ने अपने लोकप्रिय भजन“ हमरे निर्धन के धनराम” आदि भजनों से वातावरण को राममय, भक्तिमय करदिया। संस्कृति विभाग प्रयागराज के उच्चकोटि के कलाकार तरूण चोपड़ा प्रयागराज एवं साथी कलाकारों ने नृत्य नाटिका ‘कृष्णा‘ का अद्भुत अनूठा प्रदर्शन कर, एक नयी शैली में नृत्यकर-आकर्षक राधाकृष्ण की अलग-अलग मुद्राओं झाँकियों के साथ मोरनृत्य की प्रस्तुति दी। खचाखच भरे पंडाल में अपार दर्शकों को आनंदित और नाचने-थिरकने के लिये मजबूर कर दिया। यह एक ऐतिहासिक, मनोरंजक और सबको लुभान वाला कार्यक्रम रहा। हजारों की संख्या में देर रात तक श्री भूदेव शर्मा वृन्दावन ने फूलों की होली के दर्षन कराये। आयोजको सहित विषाल जनसमुदाय ने सामूहिक रूप से आनंदमयी वातावरण में खूब फूलों की होली खेली।
इस पंचदिवसीय राष्ट्रीय रामायण मेला ‘महायज्ञ‘ में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन डॉ करूणाशंकर द्विवेदी संयोजक/महामंत्री ने लालित्य पूर्ण वाणी से बड़ीही मधुरता के साथ किया। मेले के समापन दिवस तक आयोजको, पदाधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रतिदिन के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में डॉ धनश्याम अवस्थी व कलीमुद्दीनबेग ने मंच की व्यवस्था बाखूबी सम्भाली। इनके साथ-साथ मो युसुफ सिददीकी, ज्ञानचन्द्र गुप्ता, सत्येन्द्र पाण्डेय, राजेन्द्र मोहन त्रिपाठी, मो इम्तियाज अली, मैनेजर लाला, मनोज मोहन गर्ग, भोलाराम, नत्थू प्रसाद सोनकर, दददू महाराज, राजेन्द्र राम, विवेक कुमार तिवारी, बेगसाहब, विकास, अभिलाष सिंह, विनोदकुमार, मैकूलाल आदि के अथक प्रयास और मेहनत से रामायण मेला विधिवत एवं सुचारू रूप से सम्पन्न हुआ।
अंत में मेले के उदीयमान युवा कार्यकारी अध्यक्ष प्रशांत करवरिया ने सभी के प्रति सादर सम्मान प्रकट करते हुए आभार प्रकट किया।
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