यूपी में शुरू हुआ ‘ब्राह्मण पावर प्ले’, सियासत में तेज़ हुई हलचल
उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों ‘ब्राह्मण पावर प्ले’ की चर्चा तेज हो गई है। आगामी चुनावी रणनीति के तहत ब्राह्मण समाज को अपने...
ब्राह्मण वोट बैंक को साधने के लिए भाजपा, बसपा और कांग्रेस के बीच होड़
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों ‘ब्राह्मण पावर प्ले’ की चर्चा तेज हो गई है। आगामी चुनावी रणनीति के तहत ब्राह्मण समाज को अपने पक्ष में करने के लिए प्रमुख राजनीतिक दल सक्रिय नजर आ रहे हैं।
ब्राह्मण विधायकों की हालिया बैठकों और संगठनात्मक गतिविधियों के बाद सियासी दलों ने इस वर्ग को साथ लाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। भाजपा, बसपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा खुलकर दिखाई दे रही है।
भाजपा की पहल, ब्रजेश पाठक ने किया तिलक
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बटुकों का तिलक कर सामाजिक संवाद की शुरुआत की। भाजपा इसे सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपरा से जोड़कर देख रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि ब्राह्मण समाज हमेशा से राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है।
बसपा सुप्रीमो मायावती का समर्थन
वहीं मायावती ने भी समय-समय पर ब्राह्मण समाज के समर्थन में बयान दिए हैं। बसपा ब्राह्मणों को सामाजिक सम्मान और राजनीतिक भागीदारी देने की रणनीति पर काम करती रही है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आगामी चुनावों में इस वर्ग को विशेष महत्व दिया जाएगा।
सपा भी सक्रिय, अखिलेश यादव की नजर
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी ब्राह्मण समाज के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करते नजर आ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सपा भी इस सामाजिक समीकरण को साधने की कोशिश में है।
सियासी समीकरणों पर असर
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में तीनों प्रमुख दलों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा आगामी चुनावों में नए समीकरण पैदा कर सकती है।
‘ब्राह्मण पावर प्ले’ ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और जोर पकड़ सकता है।
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