उच्च गुणवत्तापूर्ण मिड-डे मील और पूरक पोषण दिया जाए : बीएसए

जनपद के परिषदीय और पीएम पोषण योजना से आच्छादित स्कूलों के बच्चों के लिए शुक्रवार का दिन बेहद सेहतमंद और स्वादिष्ट सौगात लेकर आया...

Nov 7, 2026 - 10:28
Nov 7, 2026 - 10:28
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उच्च गुणवत्तापूर्ण मिड-डे मील और पूरक पोषण दिया जाए : बीएसए

बच्चों को मिड-डे मील के साथ मिला गरमा गरम हलवा, चखकर खिले चेहरे

चित्रकूट। जनपद के परिषदीय और पीएम पोषण योजना से आच्छादित स्कूलों के बच्चों के लिए शुक्रवार का दिन बेहद सेहतमंद और स्वादिष्ट सौगात लेकर आया। शासन के निर्देशानुसार अब बच्चों को दोपहर के नियमित भोजन के अतिरिक्त हर शुक्रवार को विशेष पूरक पोषण दिया जाएगा। अभियान के पहले दिन स्कूलों में बच्चों को तहरी के साथ गरमा गरम सूजी का मीठा हलवा परोसा गया। जिसे खाकर बच्चे प्रफुल्लित हो उठे।

योजना की शुरुआत और भोजन की गुणवत्ता परखने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रंजना शुक्ला धरातल पर उतरीं। उन्होंने पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय कछार पुरवा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बीएसए ने बच्चों के बीच टाट-पट्टी पर बैठकर न सिर्फ उनसे बातचीत की, बल्कि स्वयं भी बच्चों के साथ बैठकर तहरी और हलवे का स्वाद लिया। बीएसए ने मौके पर मौजूद प्रधानाध्यापक और स्टाफ को सख्त निर्देश दिए कि बच्चों को शासन की मंशानुसार हर हाल में मीनू के अनुसार उच्च गुणवत्तापूर्ण मिड-डे मील और पूरक पोषण दिया जाए। लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जिला समन्वयक एमडीएम ज्ञानेंद्र मिश्रा सहित सभी खंड शिक्षा अधिकारियों ने भी अपने क्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों का सघन निरीक्षण कर वितरित किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता को जांचा।

बीएसए रंजना शुक्ला ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक शिक्षा विभाग और मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण के अनुमोदन के बाद इस योजना को धरातल पर उतारा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को बेहतर बनाना है। यह विशेष अभियान 14 सप्ताह तक संचालित किया जाएगा। यदि किसी शुक्रवार को अवकाश रहता है तो यह अगले कार्य दिवस पर वितरित किया जाएगा। आदेश के मुताबिक, रसोइयों द्वारा प्रति छात्र न्यूनतम 30 ग्राम सूजी और अन्य आवश्यक सामग्रियों का उपयोग करके इसे ताजा तैयार किया जाएगा। बीएसए ने निर्देश दिए हैं कि हलवा और उपमा बनाने में मार्क वाली पैक्ड और गुणवत्तापूर्ण सामग्री का ही इस्तेमाल हो। दाल, सब्जी और तेल की तरह इसकी खरीद भी स्थानीय स्तर पर पारदर्शी तरीके से होगी और स्कूल के एमडीएम रजिस्टर में इसका तिथिवार व छात्र संख्या वार पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा। शासन की इस पहल से जनपद के हजारों छात्र-छात्राओं के पोषण स्तर में सुधार होगा। इस अवसर पर प्रधानाध्यापिका रचना यादव, सुशीला पांडेय, विद्यासागर सिंह, सरला देवी, ममता देवी, गीतांजलि देवी, रंजना चंदेल, दीपा देवी, प्रियंका द्विवेदी, संजू यादव, मंजू तिवारी, सोनू गौतम, नीलम देवी, मुन्नी बाई, उषा देवी, सविता देवी, रुक्मिनी, सुनीता सहित बड़ी संख्या में अभिभावक व ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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