कला, सृजनशीलता और समर्पण का संगम, शिक्षिका रीता गुप्ता ने जिला स्तरीय प्रतियोगिता में पाया प्रथम स्थान

प्रतिभा जब मेहनत, सृजनशीलता और समर्पण से जुड़ती है तो उसकी पहचान दूर तक बनती है। जनपद बांदा की शिक्षिका एवं कवयित्री रीता गुप्ता...

Sep 22, 2026 - 17:46
Sep 22, 2026 - 17:49
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कला, सृजनशीलता और समर्पण का संगम, शिक्षिका रीता गुप्ता ने जिला स्तरीय प्रतियोगिता में पाया प्रथम स्थान

सप्तम आर्ट, क्राफ्ट एवं पपेट्री प्रतियोगिता में सामाजिक विज्ञान विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन, प्रदेश स्तर की प्रतियोगिता के लिए बढ़ी उम्मीदें

बांदा। प्रतिभा जब मेहनत, सृजनशीलता और समर्पण से जुड़ती है तो उसकी पहचान दूर तक बनती है। जनपद बांदा की शिक्षिका एवं कवयित्री रीता गुप्ता, सहायक अध्यापिका, उच्च प्राथमिक विद्यालय कलेक्टर पुरवा कम्पोजिट, क्षेत्र महुआ ने सप्तम आर्ट, क्राफ्ट एवं पपेट्री प्रतियोगिता में उच्च प्राथमिक स्तर के सामाजिक विज्ञान विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

डायट बांदा में आयोजित प्रतियोगिता में रीता गुप्ता ने अपनी रचनात्मकता, कल्पनाशीलता और कलात्मक अभिव्यक्ति का प्रभावी प्रदर्शन किया। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार के साथ-साथ जनपद का भी गौरव बढ़ा है।

इस उपलब्धि पर डायट प्राचार्य सत्येन्द्र पाण्डेय ने उन्हें प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं डायट के नोडल प्रवक्ता अवधनारायण सिंह ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी प्रतिभा और प्रयासों की सराहना की।

शिक्षिका के साथ संवेदनशील कवयित्री भी

रीता गुप्ता शिक्षा के क्षेत्र में अपने दायित्वों का निर्वहन करने के साथ-साथ कवयित्री के रूप में भी अपनी साहित्यिक पहचान बना रही हैं। उनकी लेखनी जीवन, समाज और मानवीय संवेदनाओं को शब्द देने का माध्यम है। कला और साहित्य के प्रति उनका अनुराग उनकी सृजनात्मक सोच को अलग पहचान देता है।

अपनी उपलब्धि पर रीता गुप्ता ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है। वह इसे उन सभी स्त्री-पुरुषों को समर्पित करती हैं, जो अपनी कलम के माध्यम से नई दुनिया रचने और सृजन की राह पर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। उनके अनुसार कलम केवल शब्दों का माध्यम नहीं, बल्कि विचारों, सपनों और संवेदनाओं को आवाज देने की शक्ति है।

उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन सभी रचनाकारों के प्रति भी सम्मान है, जो अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच, संवेदना और जागरूकता का प्रकाश फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।

रीता गुप्ता की सफलता पर परिवारजनों, विद्यालय परिवार एवं शिक्षकगण ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। सभी ने उम्मीद जताई कि वह आगामी प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर बांदा का नाम रोशन करेंगी।

जिला स्तर पर मिली यह सफलता रीता गुप्ता के लिए आगे की नई शुरुआत मानी जा रही है। अब उनकी निगाहें प्रदेश स्तर की प्रतियोगिता पर हैं, जहां उन्हें अपनी कला, शिक्षा और सृजनशीलता को व्यापक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

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