भगवान की भक्ति के बिना नहीं हो सकता प्रकृति और संस्कृति का संरक्षण : पं नारायण दत्त त्रिपाठी

भारतीय संस्कृति और आस्था का दर्शन कराने वाले धर्मनगरी के श्रीकृष्ण जल विहार महोत्सव एवं तुलादान के दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत बुधवार...

Sep 24, 2026 - 10:33
Sep 24, 2026 - 10:33
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भगवान की भक्ति के बिना नहीं हो सकता प्रकृति और संस्कृति का संरक्षण : पं नारायण दत्त त्रिपाठी

दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत श्रीकृष्ण जल विहार एवं तुलादान दर्शन, महाप्रसाद कार्यक्रम का किया आयोजन 

चित्रकूट। भारतीय संस्कृति और आस्था का दर्शन कराने वाले धर्मनगरी के श्रीकृष्ण जल विहार महोत्सव एवं तुलादान के दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत बुधवार को ज्योतिषाचार्य पं नारायण दत्त त्रिपाठी द्वारा भगवान कृष्ण का तुलादान किया गया।
  
धर्मनगरी में पांच दशक से होने वाले श्रीकृष्ण जन्मोत्सव महोत्सव के मंगल उत्सव के अवसर पर श्रीकृष्ण जल विहार शोभा यात्रा निकालने के बाद बुधवार को सबेरे भगवान के बालभोग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके बाद दोपहर 12 बजे से भगवान के श्री विग्रह का दिव्य तुलादान शुरू हुआ। कार्यक्रम के आयोजक प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पं नारायण दत्त त्रिपाठी ने बताया कि वह जगत कल्याण के लिए भगवान श्रीकृष्ण की उपासना करते हैं। इस प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण के लिए यह आयोजन किया जाता है। भगवान की विधि विधान से पूजा-अर्चना करने और तुलादान के बाद श्रद्धालुओं को भण्डारा खिलाया जाता है। मंदाकिनी के रामघाट में भगवान को जल विहार कराकर वह प्रभु से इस धरती की रक्षा करने, महामारियों और वैश्विक संकटों से आम जनमानस के जीवन को बचाने की कामना करते हैं। प्रत्येक वर्ष महोत्सव आयोजित होने के कारण श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। इसके चलते भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव से लेकर जल क्रीडा विहार और तुलादान दर्शन तक भारी तादात में नगरवासी और कृष्ण भक्त उत्साह से शामिल हुए। तुलादान के बाद शाम के समय राज भोग आरती व महाप्रसाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
   
इस मौके पर भागवताचार्य आचार्य नवलेश दीक्षित महाराज, इं. देवदत्त त्रिपाठी, समाजसेवी कमलेश मिश्रा, मोहनलाल जैन, कालीचरण पाठक, गुड्डन दुबे, अनुज त्रिपाठी, अंकुश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।

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