राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस महोत्सव का आयुष ग्राम चित्रकूट में हुआ शुभारंभ
आयुष ग्राम चित्रकूट में 11वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस महोत्सव का शुभारंभ जिलाधिकारी पुलकित गर्ग एवं संस्थापक मदन गोपाल बाजपेई...
चित्रकूट में आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज बनाए जाने की उठाई मांग
चित्रकूट। आयुष ग्राम चित्रकूट में 11वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस महोत्सव का शुभारंभ जिलाधिकारी पुलकित गर्ग एवं संस्थापक मदन गोपाल बाजपेई ने भगवान धन्वंतरि एवं गणेश जी की प्रतिमा में पुष्पांजलि, माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया।
आयुष ग्राम के संस्थापक मदन गोपाल वाजपेई ने कहा कि चिकित्सक जब चुनौती लेना शुरू कर देंगे तभी आयुर्वेद को वापस माना जाएगा। शास्त्र में आयुर्वेद का विस्तृत वर्णन है। जिस चिकित्सक में छह गुण होते हैं वह असाध्य रोग जीत लेता है। पुस्तक विमोचन करते हुए 15 जटिल रोगों का शास्त्री सप्रमाण का जिक्र करते हुए कहा कि 15 ऐसे असाध्य रोग हैं जिनको चुनौतियों के रूप में लेकर आयुष ग्राम चित्रकूट द्वारा उपचार करते हुए रोगियों को मौत के मुंह से निकला गया। आचार्य द्वारा चित्रकूट में आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज बनाए जाने की मंशा जाहिर की।
डीएम पुलकित गर्ग ने अपने संबोधन में कहां कि आयुर्वेद प्राचीन एवं समृद्धि चिकित्सा परंपरा का अभिन्न अंग है। धनवंतरी का मतलब धन जब स्वस्थ रहें। स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है। आयुर्वेद जीवन शैली को भी परिवर्तित करता है। अस्पतालों में बढ़ती भीड़ चिंता का विषय। आयुर्वेद के प्रचार प्रसार को अधिक आवश्यक बताते हुए कहा कि ऐसा आयुर्वेद गुरुकुल अभी पिछले छह पोस्टिंगों में किसी भी शहर में नहीं देखा। चित्रकूट के आयुष ग्राम में देखने को मिला। पूर्ण विश्वास है कि इस प्रकार के आयोजन आयुर्वेद के संरक्षण संवर्धन एवं व्यापक प्रचार प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस मौके पर कार्यक्रम के प्रायोजक रणजीत आनंद पुराणिक, प्रबंध निदेशक धूतपापेश्वर लिमिटेड मुंबई, संत मदनगोपाल दास, गायत्री परिवार के राम नारायण त्रिपाठी, राजकुमार ओझा, प्रदीप तिवारी, सेवा भारती के जिला महामंत्री राज किशोर शिवहरे, पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, डॉ सीताराम गुप्ता, सहित आयुर्वेद के चिकित्सक उपस्थित रहे।
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