भूमंडल का पावन पवित्र तीर्थ है चित्रकूटधाम : आचार्य नवलेश
श्रीमद भागवत कथा के छठवें दिन भागवताचार्य नवलेश दीक्षित ने बताया कि दक्षिण भारत में तिरुपति बाला जी की महिमा उसी प्रकार...
श्रीमद् भागवत कथा का छठवां दिन
चित्रकूट। श्रीमद भागवत कथा के छठवें दिन भागवताचार्य नवलेश दीक्षित ने बताया कि दक्षिण भारत में तिरुपति बाला जी की महिमा उसी प्रकार उत्तर भारत में गिरि गोवर्द्धन व चित्रकूट कामदगिरि की महिमा है। इस कलियुग में कौन सी ऐसी समस्या है जो कि इनके दर्शन एवं प्रदक्षिणा से पूर्ण न हो।
सीतापुर कस्बे में जियालाल की स्मृति में चल रही भागवत कथा में कथा व्यास आचार्य नवलेश दीक्षित ने कहा कि जीव जब परमात्मा के प्रति समर्पित हो जाता है तब उसके जीवन की हर एक परिस्थिति में भगवान हर एक क्षण उसका किसी न किसी रूप में साथ देते हैं और रक्षा करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने ग्वालो और गोपियों को हर एक दुख में रक्षा किया। पांडवों को भी अभयदान प्रदान किया। सात वर्ष के श्रीकृष्ण ने गोवर्द्धन पर्वत को उठाकर इन्द्र की वर्षा से ब्रज को सुरक्षित किया। प्रभु के द्वारा हर एक कार्य होता है, लेकिन उसका यश श्रीकृष्ण गोपी ग्वाल ब्रजवासियों व राधा को देते हैं। श्रीकृष्ण ने गोवर्द्धन पूजा कराकर यह बताया कि प्रकृति को संतुलित रखें। प्रकृति का सम्मान करें। प्रकृति बचाओ। दीपावली के पावन पर्व पर लोगों से अपील किया कि मंदाकिनी को स्वच्छ रखें। परिक्रमा मार्ग में गंदगी न फैलाएं। चित्रकूट सभी का गौरव है। भूमंडल का पावन पवित्र तीर्थ है। सभी मिलकर चित्रकूटधाम को स्वच्छ रखने का संकल्प लें। तभी तीर्थ में आने का उत्तम फल प्राप्त होगा।
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