शिवभक्त पांच-पांच की संख्या में नागेश्वर नाथ मंदिर में अर्पित कर रहे हैं 'जल'

सावन माह में रामनगरी में कोरोना संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए कड़े पहरे में हैं। बाहर से आने वाले कावड़ियों या किसी भी जनसमूह को अयोध्या में प्रवेश नहीं दिया जा रहा। सरयू स्नान घाटों को सील कर दिया गया है। नया घाट पर बैरियर लगा दिया गया है। सिर्फ स्थानीय लोगों को ही प्रवेश दिया जा रहा है।

शिवभक्त पांच-पांच की संख्या में नागेश्वर नाथ मंदिर में अर्पित कर रहे हैं 'जल'
Ramnagri Ayodhya

अयोध्या, (हि.स.)

नागेश्वर नाथ मंदिर में पुलिस प्रशासन ने कई जगह बैरियर लगाकर 5-5 की संख्या में जल चढ़ाने के लिए भेज रहे हैं। किसी भी जन समूह को सावन के पहले सोमवार को शिव मंदिरों में जल चढ़ाने से रोकने के लिए रामनगरी से लेकर जिले की सीमा तक निगरानी के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। जिले में धारा-144 लागू है। इसका भी कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देश एसएसपी आशीष तिवारी ने दे रखे हैं। 

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गुरू पूर्णिमा पर्व रविवार से ही रामनगरी में सुरक्षा व निगरानी के लिए के अतिरिक्त इंतजाम हैं। कोरोना को देखते हुए सरकार ने इस बार कांवड़ यात्रा न निकालने की अपील की है। भीड़ एकत्र होने से संक्रमण का खतरा बढ़ेगा, इसे लेकर प्रशासन भी लोगों से शारीरिक दूरी का पालन करने की अपील कर रहा है। शांति कमेटी की बैठकों के माध्यम से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी इस दिशा में लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं। जिले में जिस प्रकार कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उसे देखते हुए एहतियात बरतना आवश्यक भी माना जा रहा है। अयोध्या में निगरानी के लिए जिले की सीमा पर भी बैरियर लगाया गया है। रामनगरी में बैरियर की तीन लेयर लगाई गई है। सिर्फ स्थानीय लोगों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। 

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एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि निगरानी के लिए उपाय सावन भर रहेंगे। कोरोना से बचाव के लिए आवश्यक है कि भीड़भाड़ वाले स्थान पर जाने से बचा जाए। कहीं भी भीड़ एकत्र न होने देने का निर्देश दिया गया है। सोमवार को बहुत कम संख्या में लोगों को नागेश्वर नाथ मंदिर में जल अर्पित करते हुए देखा गया। मंदिर में दूर से ही टीन पर जल अर्पित करने की व्यवस्था बनाई गई है। किसी को भी मंदिर के गर्भ गृह में जाने नहीं दिया जा रहा है। पुलिस पूरी तरह से भीड़ को रोकने के लिए सुबह से ही एलर्ट है।