यूरिया सस्ता या महंगा? वजन घटा, प्रति किलो कीमत बढ़ी

सरकार की ओर से यूरिया के दामों को स्थिर रखने के दावों के बीच किसानों पर बढ़ते बोझ की एक अलग तस्वीर सामने आई है...

Feb 2, 2026 - 11:16
Feb 2, 2026 - 11:21
 0  21
यूरिया सस्ता या महंगा? वजन घटा, प्रति किलो कीमत बढ़ी

लखनऊ/नई दिल्ली। सरकार की ओर से यूरिया के दामों को स्थिर रखने के दावों के बीच किसानों पर बढ़ते बोझ की एक अलग तस्वीर सामने आई है। बीते 8–9 वर्षों में यूरिया की प्रति बोरी कीमत में बड़ा बदलाव न दिखने के बावजूद, बोरी के वजन में कटौती के कारण किसानों को प्रति किलो अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।

2018 से पहले यूरिया 50 किलोग्राम की बोरी में उपलब्ध था, जिसकी कीमत लगभग ₹268 थी। इस हिसाब से किसान को यूरिया ₹5.36 प्रति किलो पड़ता था।

2018 से 2025 के बीच यूरिया की बोरी का वजन घटाकर 45 किलोग्राम कर दिया गया, जबकि कीमत ₹266.50 रखी गई। इससे प्रति किलो कीमत बढ़कर करीब ₹5.92 हो गई, यानी किसानों पर लगभग 56 पैसे प्रति किलो का अतिरिक्त भार पड़ा।

अब वर्ष 2026 में यूरिया की बोरी का वजन और घटाकर 40 किलोग्राम कर दिया गया है, जबकि कीमत लगभग ₹254 रखी गई है। इस बदलाव के बाद यूरिया की प्रति किलो कीमत बढ़कर करीब ₹6.35 हो गई है। यानी पिछले चरण की तुलना में करीब 43 पैसे प्रति किलो की और बढ़ोतरी हो गई।

आंकड़ों के अनुसार, 2018 से पहले की तुलना में अब किसानों को यूरिया पर प्रति किलो लगभग 99 पैसे अधिक चुकाने पड़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही बोरी के कुल दाम में मामूली अंतर दिखता हो, लेकिन वजन घटने से वास्तविक लागत लगातार बढ़ी है, जिसका सीधा असर खेती की लागत पर पड़ा है।

किसानों का कहना है कि उर्वरक पहले ही महंगे बीज, डीजल और बिजली की बढ़ती कीमतों के बीच खेती को घाटे का सौदा बना रहे हैं। ऐसे में यूरिया की प्रति किलो कीमत में हुई यह “छुपी हुई बढ़ोतरी” उनकी आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त दबाव डाल रही है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यदि उत्पादन लागत इसी तरह बढ़ती रही तो छोटे और सीमांत किसानों के लिए खेती को टिकाऊ बनाए रखना और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0