किसानों को हर हाल में जारी रहेगा न्यूनतम समर्थन मूल्य - योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य किसानों को हर हाल में जैसे देती आ रही हैं...

किसानों को हर हाल में जारी रहेगा न्यूनतम समर्थन मूल्य - योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, (हि.स.)

  • कहा-कृषि विज्ञान केंद्रों ने किसानों को आधुनिक तकनीक-उन्नत बीज देने में की मदद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य किसानों को हर हाल में जैसे देती आ रही हैं, इसको आगे भी इसी रूप में ले जाने का कार्य करेंगी। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि भारत सरकार ने जो कृषि संबंधित बिल पास किए हैं, वह किसानों के हित में हैं।

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संभल, बुलंदशहर और मुरादाबाद में तीन नए कृषि विज्ञान केंद्रों का किया शिलान्यास
मुख्यमंत्री शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रशासकीय भवनों का वर्चुअल लोकार्पण एवं शिलान्यास के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जब हम लोगों ने 2017 में प्रदेश की बागडोर संभाली थी, तब प्रदेश में केवल 68 स्थानों पर कृषि विज्ञान केन्द्र थे और इसमें भी ज्यादातर बदहाल स्थिति में थे। प्रदेश के किसानों के लिए कृषि संबंधी तकनीक और उच्च गुणवत्ता से युक्त बीजों के केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए जो कार्रवाई प्रारंभ हुई, आज उसके परिणाम भी हम सबके सामने हैं।
उन्होंने कहा कि चार नए कृषि विज्ञान केंद्र उसी श्रृंखला के हिस्से हैं। इसमें हापुड़ प्रशासनिक भवन के उद्घाटन के साथ ही संभल, बुलंदशहर और मुरादाबाद में तीन नए कृषि विज्ञान केंद्रों का आज शिलान्यास हो रहा है।

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किसान के सामने नए तौर-तरीके जानने की होती है चुनौती 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा किसान प्रगतिशील किसान है। वह नया अनुसंधान चाहता है। नए तौर-तरीकों के साथ अपनी खेती को आगे बढ़ाना चाहता है। लेकिन, उसे नए तौर-तरीके कौन बताएगा? यह उसके सामने एक चुनौती होती है। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि आज हम लोग प्रदेश के प्रत्येक जनपद में एक-एक नए कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित करने और बड़े जनपदों में दो कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित करने की दिशा में तेजी के साथ आगे बढ़े हैं। विगत तीन वर्षों के दौरान कृषि विज्ञान केंद्रों की नई श्रृंखला ने किसानों को आधुनिक तकनीक के साथ ही उन्हें उन्नत किस्म के बीज भी उपलब्ध कराने में बड़ी मदद की है।

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किसान की उपज को टैक्स से मुक्त करने की कार्रवाई
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना करने का लक्ष्य देशवासियों के सामने रखा है। इसी श्रृंखला में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रत्येक किसान को उसकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य प्राप्त हो सके इस पर जोर दिया गया। इसके साथ ही प्रत्येक किसान को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के साथ जोड़ने के साथ ही किसान की उपज को किसी भी प्रकार के टैक्स से मुक्त करने की कार्रवाई हो, इस पर भी जोर दिया गया है। हम सब प्रधानमंत्री के आभारी हैं, जिनके कारण कृषि क्षेत्र में एक नई प्रतिस्पर्धा प्रारंभ हुई है, जो किसानों के व्यापक हित में है।

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'वन नेशन वन मार्केट' के एक नए युग की ओर जा रहा किसान 
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसान 'वन नेशन वन मार्केट' के एक नए युग की ओर जा रहा है, जहां वह अपनी उपज को देश के अंदर कहीं भी बिक्री करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। इसके साथ ही शासन उसे न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी भी दे रहा है। हमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को आगे बढ़ाना ही होगा। अगर किसानों की आमदनी को बढ़ाना है, वर्ष 2022 तक इस लक्ष्य को प्राप्त करना है, तो कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलाव को हम लोगों को खुले दिमाग से स्वीकार करते हुए इस दिशा में बेहतर प्रयास करना चाहिए। हमें किसी क्षेत्र में पीछे नहीं रहना है। इसके लिए राज्य के चारों कृषि विश्वविद्यालय, हमारे सभी कृषि विज्ञान केंद्र इस दिशा में प्रयास कर सकेंगे

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लॉकडाउन के दौरान किया 119 चीनी मिलों का संचालन
प्रदेश में किसानों के हित में किए जाने वाले कार्यों को हम लोगों ने कोरोना कालखंड में भी देखा है। उत्तर प्रदेश पहला राज्य रहा, जिसने लॉकडाउन के दौरान अपनी 119 चीनी मिलों का संचालन किया। गन्ना किसानों का पिछले तीन वर्षों के दौरान रिकॉर्ड मात्रा में गन्ना मूल्य का भुगतान हुआ। एक लाख पांच हजार करोड़ से अधिक के गन्ना मूल्य का भुगतान अब तक हम करने में सफल हुए। न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का कार्य प्रदेश में सफलतापूर्वक किया जा रहा है तथा किसानों के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने का कार्य किया जा रहा है।

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किसानों की खुशहाली को अपनी पूरी ऊर्जा का उपयोग करेंगे कृषि विज्ञान केंद्र
उन्होंने विश्वास जताया कि यह सभी कृषि विज्ञान केंद्र, पिछले साढ़े तीन वर्षों में खेती-किसानी के लिए क्या नया करना है, इस दिशा में किए जा रहे प्रयास का हिस्सा बनेंगे और प्रदेश के किसानों की खुशहाली के लिए अपनी पूरी ऊर्जा का उपयोग करेंगे। परियोजनाएं समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ें। मानक की गुणवत्ता का पूरा पालन करते हुए हम इन परियोजनाओं को आगे बढ़ा सकें। किसानों तथा आम नागरिक के जीवन में व्यापक परिवर्तन इसके माध्यम से ला सकें, इस पर हमारा पूरा जोर होना चाहिए।

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