बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे निर्माण की बड़ी कीमत हरियाली को चुकानी पड़ी लेकिन ..!

उत्तर प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के निर्माण में एक्सप्रेस वे वाले रास्ते के 7 जिलों में 1 लाख 90 हजार पेड़ पौधे काट दिए..

बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे निर्माण की बड़ी कीमत हरियाली को चुकानी पड़ी लेकिन ..!
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे

उत्तर प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के निर्माण में एक्सप्रेस वे वाले रास्ते के 7 जिलों में 1 लाख 90 हजार पेड़ पौधे काट दिए गए हैं इनके स्थान पर 2 लाख 70 हजार पेड़ पौधे लगाने की योजना है लेकिन यह पेड़ पौधे तभी लगेंगे जब बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो जाएगा।

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इस संबंध में जिला वन अधिकारी संजय अग्रवाल ने बताया कि  निर्माणाधीन बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के रास्ते में आने वाले पेड़ पौधे भारत सरकार की अनुमति से काटे गए हैं और एक्सप्रेस वे का निर्माण पूरा हो जाने के बाद पौधारोपण का काम शुरू किया जाएगा।

Bundelkhand Expressway | बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे | construction

बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे निर्माण की बड़ी कीमत हरियाली को चुकानी पड़ी है। एक्सप्रेस-वे वाले सभी सात जिलों में एक लाख 90 हजार से ज्यादा पौधों और पेड़ों का सफाया हुआ है। फिलहाल इनके स्थान पर पौधरोपण नहीं हुआ है। एक्सप्रेस-वे की भेंट सबसे ज्यादा पेड़ बांदा जिले में चढ़े हैं। पौधों का नुकसान सर्वाधिक औरैया जिले का हुआ है।

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करीब 14 हजार 849 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का पिछले वर्ष से युद्धस्तर पर काम चल रहा है। भूमि अधिग्रहण का काम पूरा होने के बाद मिट्टी का काम भी काफी हद तक पूरा हो चुका है। कुछ स्थानों पर पक्का निर्माण शुरू हो गया है।

एक्सप्रेस-वे में शामिल सातों जिलों में बड़ी संख्या में पौधे और भारी-भरकम पेड़ थे। इन सभी को मशीनों से धराशाई कर दिया गया है। जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथारिटी (यूपीडा) के वरिष्ठ प्रबंधक (वन) अतुल अस्थाना ने समाजसेवी और आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीप शुक्ला को दी सूचना में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लिए काटे गए पेड़ और पौधों की संख्या जिलेवार बताई है। वरिष्ठ प्रबंधक ने कहा है कि इन पेड़ों को काटने की अनुमति भारत सरकार ने दी है।

Bundelkhand Expressway | बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे | construction

एक पेड़ काटने पर लगाए जाएंगे  3 पेड़

बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के लिए पर्यावरणीय गाइडलाइंस के हिसाब से इसका निर्माण कार्य जारी है। सबसे ज्यादा जोर पर्यावरण संरक्षण व जैव विविधता संरक्षण पर है एक पेड़ काटने पर नुकसान की भरपाई के लिए तीन पेड़ लगाने होंगे ताकि हरियाली बरकरार रहे।

घने छायादार के साथ-साथ वायु प्रदूषण व ध्वनि प्रदूषण को रोकने वाले पेड़ लगेंगे। पूरी तरह में पूरी योजना में पर्यावरण मानकों के अमल पर निगरानी के लिए एनवायरमेंट मैनेजमेंट सेल करेगा।

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