महोबा के क्रेशर व्यापारी हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी का गठन 

महोबा में क्रेशर कारोबारी की गोली मारकर की गई हत्या के मामले में तत्कालीन महोबा पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार को हत्या का आरोपी बनाया गया है...

महोबा के क्रेशर व्यापारी हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी का गठन 

ओपेन्द्र गोस्वामी, महोबा

जिस पर क्रेसर कारोबारी से धन उगाही के लिए उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। इस मामले में पुलिस के संलिप्त होने पर मामला तूल पकड़ रहा है इसीलिए उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी ने हत्याकांड की जांच के लिए विशेष जांच दल (एस आई टी) गठित करने का आदेश दिया है।

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अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि पुलिस महानिदेशक की ओर से एसआईटी गठित करने के आदेश जारी हो गए हैं। पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी रेंज विजय सिंह मीना के नेतृत्व वाली टीम में डीआइजी शलभ माथुर और पुलिस अधीक्षक एसपी त्रिपाठी भी होंगे। एसआइटी पूरे मामले की जांच कर सात दिन में रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। उत्तर प्रदेश के महोबा के तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार द्वारा कथित रूप से रिश्वत मांगने के बाद गोली लगने से घायल व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी की कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में मौत हो गई थी। उसके बाद मामला तूल पकड़ गया है। व्यापारी ने ही एसपी द्वारा घूस मांगे जाने का वीडियो वायरल किया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसपी मणिलाल पाटीदार को निलंबित कर दिया था।

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भ्रष्टाचार के मामले में निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार पर अब हत्या का भी मुकदमा दर्ज हो गया है। कानपुर के अस्पताल में रविवार शाम क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की इलाज के दौरान मौत के बाद हत्या की साजिश का मुकदमा हत्या की धाराओं में बदल दिया गया। इस मुकदमे में कबरई के तत्कालीन थाना प्रभारी देवेंद्र शुक्ला, इंद्रकांत के साझीदार ब्रह्मदत्त और सुरेश सोनी के साथ अज्ञात पुलिसकर्मी भी आरोपित बनाए गए हैं। मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

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बतातें चलें कि सात सितंबर को कबरई के क्रशर और विस्फोटक व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने महोबा के तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर उसे प्रताड़ित करने और हर महीने 6 लाख रुपये रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया था। उन्होंने सीएम को पत्र भी लिखा था। साथ ही वीडियो वायरल करके तत्कालीन एसपी द्वारा मिल रही धमकियों का भी जिक्र किया था। यहीं नहीं, उन्होंने अपनी हत्या की आशंका भी जताई थी। आठ सितंबर को कार में व्यापारी इंद्रकांत घायल पड़े मिले थे। उन्हें गले में गोली लगी थी। तब उन्हें कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।  रविवार की शाम उन्होंने हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया था।

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