सीएम योगी को चिलमजीवी कहने पर भड़की उमाभारती, अखिलेश को दे डाली नसीहत

मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता उमाभारती राठ में संत ब्रम्हानन्द के जन्मशताब्दी समारोह में...

सीएम योगी को चिलमजीवी कहने पर भड़की उमाभारती, अखिलेश को दे डाली नसीहत

मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता उमाभारती राठ में संत ब्रम्हानन्द के जन्मशताब्दी समारोह में शामिल होने के लिये ट्रेन के रास्ते महोबा पहुँची एवं कार्यक्रम में राठ जाते समय पत्रकारों से विरमा भवन में मुलाकात के दौरान उन्होंने बताया कि समाजवादी सरकार के नेता अखिलेश यादव बड़े ही घमंडी हैं यही घमंड उनके पतन का कारण बनेगा, भारतीय जनता पार्टी  आने वाले विधानसभा चुनाव में पहले से भी अधिक सीटें जीतेगी।

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अखिलेश के चिलमजीवी भाषा के प्रयोग पर कहा कि वह असभ्य भाषा प्रयोग कर रहे हैं उसका उन्हें परिणाम भुगतना होगा। अपने आपको बड़ा होशियार समझना उनकी बड़ी भूल है। उनकी चार सौ सीटों पर जीत की दावेदारी हवा हो जायेगी।

केन बेतवा लिंक परियोजना पर उन्होंने कहा कि वह गंगा के किनारे ही प्रवास कर रही हैं, नदियों का महत्त्व वो जानती हैं ये परियोजना बुन्देलखण्ड के लिये बहुत ही महत्त्वपूर्ण साबित होगी, उत्तरप्रदेश एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री की इस सम्बंध में अभी बात नहीं हो पाई है, बात होते ही इस परियोजना को गति मिलेगी ।  उमाभारती ने संत  ब्रह्मानंद के बारे में जिक्र करते हुये बताया कि  मैं बहुत समय पहले स्वामी जी के संपर्क में आई, उनके आदर्श व महिमा धीरे-धीरे मेरे मन में बैठती गई।

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पृथक बुंदेलखंड के सवाल पर कहा कि भाजपा हरदम छोटे राज्यों की पक्षधर रही है। लेकिन एक राज्य की स्थापना के अनुपात में बुंदेलखंड का नक्शा कम पड़ रहा है, बुंदेलखंड की मांग करने वाले संगठन दो राज्यों के हिस्से को जोड़ कर पृथक बुंदेलखंड बनाने की मांग रहे हैं, ये समस्या इसी कारण है, मध्यप्रदेश की जनता एवं जनप्रतिनिधि पृथक राज्य की मांग पर तैयार नहीं है,  कोई भी आंदोलन तभी सफल होता है जब आंदोलनकारी, जनता एवं जनप्रतिनिधि एक राय हों  जब सभी एकमत नहीं हैं तो कैसे मध्य प्रदेश का हिस्सा कैसे मिलाया जा सकता हैं।  जबकि अटल जी की सरकार में बुंदेलखंड क्षेत्र के नाम से एक संगठन की इकाई भी गठित की थी जिसके अध्यक्ष बाबूराम निषाद बनाए गए थे।

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डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के द्वारा मथुरा के सम्बंध में  दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि  मथुरा के बारे में जो भी भूमिका होगी पार्टी तय करेगी, इसका अधिकार सिर्फ राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं विश्व हिंदू परिषद को है, उपमुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश को अपने दिये बयान का आशय स्वयं ही स्पष्ट करना होगा।

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