बुंदेलखंड राज्य की मांग फिर तेज, बांदा की सभा में उठी अलग राज्य की आवाज

शहर के अलीगंज स्थित रामलीला मैदान में आयोजित एक सभा के बाद बुंदेलखंड को पृथक राज्य बनाने की मांग एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है...

Mar 16, 2026 - 16:57
Mar 16, 2026 - 17:46
 0  15
बुंदेलखंड राज्य की मांग फिर तेज, बांदा की सभा में उठी अलग राज्य की आवाज

बुन्देलखण्ड न्यूज़ की विशेष रिपोर्ट...

रामलीला मैदान में जुटे सामाजिक व राजनीतिक प्रतिनिधि, विकास और क्षेत्रीय असमानता पर हुई चर्चा

बांदा। शहर के अलीगंज स्थित रामलीला मैदान में आयोजित एक सभा के बाद बुंदेलखंड को पृथक राज्य बनाने की मांग एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। बुंदेलखंड आंदोलन के प्रणेता राजा बुंदेला और सामाजिक कार्यकर्ता जयराम सिंह बछेऊरा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के कई सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

सभा में वक्ताओं ने बुंदेलखंड के विकास, क्षेत्रीय असमानताओं और अलग राज्य की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में मौजूद शालिनी सिंह पटेल ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि बुंदेलखंड की जनता लंबे समय से अपने अधिकार और विकास के लिए संघर्ष कर रही है और जब तक इस क्षेत्र को उसका उचित दर्जा और पहचान नहीं मिलती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।

वर्षों पुरानी मांग

बुंदेलखंड राज्य की मांग कोई नई नहीं है। यह मुद्दा कई दशकों से समय-समय पर उठता रहा है। बुंदेलखंड भौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से एक विशिष्ट क्षेत्र है, जो दो राज्यों—उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश—में फैला हुआ है।

प्रस्तावित बुंदेलखंड राज्य में मध्य प्रदेश के सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना जैसे जिलों के साथ उत्तर प्रदेश के बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जालौन, झांसी और ललितपुर को शामिल करने की चर्चा लंबे समय से होती रही है। प्राकृतिक संसाधनों और खनिज संपदा से समृद्ध होने के बावजूद यह क्षेत्र लंबे समय से सूखा, सिंचाई की कमी, रोजगार के अभाव और पलायन जैसी समस्याओं से जूझता रहा है।

राजनीतिक समीकरण और उम्मीदें

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बुंदेलखंड राज्य का मुद्दा कई बार राजनीतिक परिस्थितियों से भी प्रभावित रहा है। एक समय ऐसा भी रहा जब भारतीय जनता पार्टी और इंडियन नेशनल कांग्रेस अलग-अलग राज्यों और केंद्र में सत्ता में थीं, जिससे इस मुद्दे पर कोई ठोस पहल सामने नहीं आ सकी।

बाद में जब उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों में भाजपा की सरकारें बनीं और केंद्र में भी भाजपा नेतृत्व की सरकार रही, तब क्षेत्र के लोगों को उम्मीद जगी कि शायद बुंदेलखंड को लेकर कोई ठोस निर्णय हो सकेगा। हालांकि अलग राज्य के गठन को लेकर अब तक कोई स्पष्ट राजनीतिक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है।

बुंदेलखंड विकास परिषद का गठन

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद क्षेत्र के विकास के लिए बुंदेलखंड विकास परिषद का गठन किया गया। परिषद में क्षेत्र के कई लोगों को जिम्मेदारी दी गई, जिसमें अयोध्या सिंह पटेल को अध्यक्ष और राजा बुंदेला को उपाध्यक्ष बनाया गया।

उस समय उम्मीद जताई गई थी कि परिषद बुंदेलखंड की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाएगी और क्षेत्र के विकास के लिए ठोस कदम उठाएगी। हालांकि समय के साथ परिषद की सक्रियता को लेकर कई सवाल भी सामने आए और स्थानीय स्तर पर अपेक्षित परिणाम नहीं दिखने की चर्चा होती रही।

फिर से तेज होता आंदोलन

अब एक बार फिर बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर गतिविधियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं। रामलीला मैदान की यह सभा इसी क्रम की एक कड़ी मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में चुनावी माहौल के बीच क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर सक्रियता और बढ़ सकती है।

इस बीच राजा बुंदेला और जयराम सिंह बछेऊरा सभाओं और जनसंवाद के माध्यम से इस मुद्दे को फिर से जनचर्चा में लाने का प्रयास कर रहे हैं।

सवाल अब भी वही

बुंदेलखंड राज्य की मांग के समर्थकों का कहना है कि अलग राज्य बनने से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी। वहीं कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि विकास के लिए अलग राज्य ही एकमात्र समाधान नहीं है, बल्कि प्रभावी नीतियों और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से भी क्षेत्र की स्थिति में सुधार लाया जा सकता है।

फिलहाल इतना तय है कि बुंदेलखंड की पहचान, विकास और अधिकारों का सवाल क्षेत्रीय राजनीति और सामाजिक विमर्श का अहम मुद्दा बना हुआ है। रामलीला मैदान की यह सभा इस बहस को एक बार फिर नई ऊर्जा देती दिखाई दे रही है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह मांग केवल सभाओं और आंदोलनों तक सीमित रहती है या फिर इसके लिए कोई ठोस राजनीतिक पहल भी सामने आती है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0