भारत चीन सीमा पर हिंसक झड़प में चीन का कमांडिंग ऑफिसर ढेर

भारत चीन की हिंसक झड़प के बाद भारत के 20 और चीन के 43 सैनिकों के हताहत होने की जानकारी आई है। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इस मामले पर 19 जून को शाम 5 बजे सर्वदलीय वर्चुअल बैठक बुलाई है।

भारत चीन सीमा पर हिंसक झड़प में चीन का कमांडिंग ऑफिसर ढेर

  • हिंसक झड़प में हुआ है चीन को भारी नुकसान
  • 15-16 जून की रात को गलवां घाटी की घटना में दोनों पक्षों को नुकसान

भारत और चीन के बीच लद्दाख की गलवां घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में भारत को तो अपने 20 सैनिकों की शहादत देनी पड़ी है जबकि चीन को भी भारी संख्या में नुकसान हुआ। उसके 40 से ज्यादा सैनिकों के मारे जाने की खबर है। यह जानकारी एएनआई के सूत्रों से ज्ञात हुई है। इस झड़प में चीनी सेना की यूनिट का कमांडिंग ऑफिसर भी ढेर हुआ है। फिलहाल सीमा पर तनाव के बीच रक्षा मंत्री, तीनों सेना प्रमुखों के साथ अहम बैठक कर रहे हैं। उन्होंने मौजूदा स्थिति पर भी विदेश मंत्री एस.जयशंकर से भी बात की है। प्रधानमंत्री मोदी को भी सभी तरह के हालात से अवगत कराया गया है।

एएनआइ ने सूत्रों के हवाले से बताया कि जो सैनिक फेस-ऑफ का हिस्सा थे, उन्होंने चीनी हताहतों की संख्या के बारे में बताया है। फिर भी मारे गए और घायल दोनों हताहतों की सही संख्या बताना मुश्किल है। हालांकि संख्या 40 से अधिक होने का अनुमान है। इसका आंकलन इस तरह किया गया है, कि हिंसक झड़प वाली जगह से निकाले गए चीनी सैनिकों की सख्या और उसके बाद गलवां नदी के किनारे ट्रैक पर एंबुलेंस वाहनों की संख्या बताती है कि हताहतों की संख्या क्या थी। इसके बाद वहां चीनी हेलिकाॅप्टरों की आवाजाही भी तेज हुई थी, जो अपने हताहत सैनिकों को वापस ले जाने आये थे। हालांकि इस हिंसक झड़प के बाद चार भारतीय सैनिकों की हालत भी गंभीर है।

अमेरिका ने दी त्वरित प्रतिक्रिया

भारत और चीन के बीच जारी तनाव पर अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता ने तुरन्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है। भारत और चीन दोनों ने डी-एस्केलेट करने की इच्छा व्यक्त की है और हम वर्तमान स्थिति के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि 2 जून को अपनी टेलीफोनिक बातचीत के दौरान, राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी ने भारत-चीन सीमा पर स्थिति पर चर्चा की थी।

अमेरिकी मीडिया के अनुसार, चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने भारतीय सेना को उकसाया है। चीनी सैनिकों द्वारा यह जानबूझकर डी-एस्केलेशन की यथास्थिति को एकतरफा करने की कोशिश की गयी। जिसका नतीजा 20 भारतीय जवान शहीद हो गये। उधर, चीनी पक्ष के 43 सैनिकों के ढेर होने की बात कही गई है। हालांकि, इस बात की किसी भी पक्ष ने पुष्टि नहीं की है।

अब आपको पूरा घटनाक्रम बताते हैं कि क्या हुआ और क्यों हुआ?

  • गश्त सम्बंधी समझौते के पेट्रोलिंग बिंदु 14 का पालन कराने के लिए 16 बिहार रेजीमेंट की टुकड़ी मौके पर गई।
  • आपसी सहमति के अनुसार चीन की टुकड़ी को वर्तमान स्थिति से पांच किलोमीटर पीछे चैकी नंबर 1 तक लौटना था।
  • पीछे लौट रहे चीनी सैनिकों ने शाम घिरने पर अंधेरे का फायदा उठाते हुए पलट कर भारतीय टुकड़ी पर हमला बोल दिया जो ठीक उनके पीछे थी।
  • चीनी सैनिकों ने भारतीय कमांडिंग अफसर संतोष बाबू व दो सैनिकों को राड और डंडे मारकर बुरी तरह घायल कर दिया।
  • अपने कमांडिंग अफसर व साथियों को लहूलुहान देख भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों पर जबर्दस्त हमला बोल दिया।
  • घंटों चले इस खूनी संघर्ष में राड, डंडे, लात व घूंसे का प्रयोग हुआ, लेकिन एक भी गोली नहीं चली।
  • आधी रात को संघर्ष जब किसी तरह थमा, तब तक दोनों पक्षों से बड़ी संख्या में लोग हताहत हो चुके थे।