इंसानियत की मिसाल : सड़क किनारे प्रसव की पीड़ा से तड़प रही थी गर्भवती, युवकों ने पेश की मानवता, सुरक्षित हुआ जन्म
कहते हैं कि इंसानियत आज भी जिंदा है, और इसकी बानगी मंगलवार को बड़ोखर गांव के पास देखने को मिली...
एंबुलेंस के इंतजार में खुले आसमान के नीचे गूंजी किलकारी, वीडियो बनाने वालों की भीड़ के बीच देवदूत बनकर आए युवक
बांदा/महुआ । कहते हैं कि इंसानियत आज भी जिंदा है, और इसकी बानगी मंगलवार को बड़ोखर गांव के पास देखने को मिली। जहाँ एक गर्भवती महिला सड़क किनारे प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी, वहीं कुछ स्थानीय युवकों ने तत्परता दिखाते हुए न केवल उसकी मदद की, बल्कि समय पर एंबुलेंस न पहुँचने पर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करवाया।
बुआ के घर जा रही थी महिला प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज दोपहर करीब 1:00 बजे पहरा (मध्य प्रदेश) की रहने वाली एक गर्भवती महिला अपने पति के साथ मोटरसाइकिल से अपनी बुआ के घर महुआ गांव जा रही थी। जैसे ही वे बड़ोखर गांव के पास पहुँचे, महिला को अचानक प्रसव का तीव्र दर्द (लेबर पेन) शुरू हो गया। दर्द इतना असहनीय था कि पति को मोटरसाइकिल रोकनी पड़ी और महिला सड़क किनारे ही बैठकर दर्द से कराहने लगी।
तमाशबीन बनी भीड़, पर सद्दाम और सोनू ने संभाली कमान महिला को तड़पता देख मौके पर भीड़ तो जमा हो गई, लेकिन मदद के लिए हाथ बढ़ाने के बजाय कई लोग अपने मोबाइल से वीडियो बनाने में व्यस्त रहे। इसी दौरान वहां मौजूद बस मैकेनिक सद्दाम खान ने तुरंत सक्रियता दिखाई और स्थानीय समाजसेवी सत्येंद्र कुमार 'सोनू यादव' को फोन कर घटना की जानकारी दी।
एक घंटे बाद पहुँची एंबुलेंस, खुले आसमान के नीचे हुआ प्रसव सूचना मिलते ही सोनू यादव मौके पर पहुँचे और तुरंत एंबुलेंस व स्वास्थ्य केंद्र (PHC) को सूचित किया। हालांकि, एंबुलेंस आने में करीब एक घंटे की देरी हुई। इस बीच महिला की हालत बिगड़ती देख स्थानीय महिलाओं की मदद से खुले आसमान के नीचे ही प्रसव कराया गया। महिला ने एक स्वस्थ बालक को जन्म दिया है।
अस्पताल में भर्ती, जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित लगभग डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद जब एंबुलेंस मौके पर पहुँची, तो सोनू यादव और उनके साथियों ने जच्चा-बच्चा को सकुशल एंबुलेंस में बैठाकर अस्पताल भिजवाया। सोनू यादव ने कहा, "प्रभु कामतानाथ से यही प्रार्थना है कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ रहें। समाज में वीडियो बनाने वालों से ज्यादा हाथ बढ़ाने वालों की जरूरत है।"
रिपोर्ट : अनवर रज़ा 'रानू', बाँदा...
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