स्कूली वाहनों की फिटनेस जाँच को लेकर निजी स्कूलों की पीड़ा, जिलाधिकारी से समाधान की मांग

बुन्देलखण्ड अनएडेड स्कूल एसोसिएशन (BUSA), चित्रकूट ने स्कूली वाहनों की वार्षिक फिटनेस जाँच को लेकर उत्पन्न हो रही गंभीर समस्याओं की...

Jan 19, 2026 - 17:06
Jan 19, 2026 - 17:07
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स्कूली वाहनों की फिटनेस जाँच को लेकर निजी स्कूलों की पीड़ा, जिलाधिकारी से समाधान की मांग

अन्य जनपद में फिटनेस कराने से बढ़ रहा जोखिम, आर्थिक बोझ और छात्रों की परेशानी

चित्रकूट। बुन्देलखण्ड अनएडेड स्कूल एसोसिएशन (BUSA), चित्रकूट ने स्कूली वाहनों की वार्षिक फिटनेस जाँच को लेकर उत्पन्न हो रही गंभीर समस्याओं की ओर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत जनपद के अधिकांश स्कूली बसों एवं वाहनों को फिटनेस जाँच के लिए अन्य जनपदों में ले जाना पड़ता है, जिससे विद्यालयों को अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

एसोसिएशन का कहना है कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और शासन द्वारा निर्धारित सभी नियमों का पूर्ण रूप से पालन किया जा रहा है, किंतु अन्य जनपद में जाकर फिटनेस कराने की मजबूरी के कारण वाहन सुरक्षा पर जोखिम बढ़ जाता है। खाली स्कूली बसों को लंबी दूरी तक हाईवे पर ले जाना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है और वाहनों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

इसके साथ ही विद्यालयों पर अतिरिक्त आर्थिक भार भी पड़ रहा है। ईंधन व्यय, टोल टैक्स तथा चालक व स्टाफ के पूरे दिन के खर्च से गैर-सहायता प्राप्त विद्यालयों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। सीमित संसाधनों में संचालित हो रहे स्कूलों के लिए यह स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण बन गई है।

विद्यालय प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि अधिकांश स्कूलों के पास सीमित संख्या में वाहन हैं। फिटनेस जाँच के लिए वाहन बाहर भेजे जाने से छात्रों के दैनिक आवागमन की व्यवस्था बाधित होती है, जिससे अभिभावकों और विद्यार्थियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

एक अन्य समस्या प्रशासनिक विलंब की भी है। अन्य जनपद के परिवहन विभाग से समन्वय स्थापित करने में समय लगने के कारण कई बार फिटनेस समय पर नहीं हो पाती, जिससे विद्यालयों को अनावश्यक जुर्माने का भी सामना करना पड़ता है।

इन सभी समस्याओं को देखते हुए बुन्देलखण्ड अनएडेड स्कूल एसोसिएशन (BUSA) ने जिलाधिकारी महोदय से मांग की है कि जनहित, छात्रों की सुरक्षा और विद्यालयों की व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए स्कूली वाहनों की फिटनेस जाँच की व्यवस्था चित्रकूट जनपद में ही सुनिश्चित की जाए। साथ ही यदि स्थायी व्यवस्था में समय लगे, तो विशेष फिटनेस शिविर लगाकर स्थानीय स्तर पर ही फिटनेस निरीक्षण कराने की अनुमति प्रदान की जाए।

एसोसिएशन को विश्वास है कि जिला प्रशासन इस गंभीर विषय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शिक्षा संस्थानों एवं विद्यार्थियों के हित में सकारात्मक निर्णय लेगा।

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