पूरी हुई राशन कोटेदारों की आस, लाभांश वृद्धि से बढा उत्साह
सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के अंतर्गत ई-पास आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ से...
उचित दर विक्रेताओं का लाभांश 90 से बढ़ाकर 125 रुपए प्रति कुंतल किए जाने का मिला उपहार
चित्रकूट। सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के अंतर्गत ई-पास आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ से बटन दबाकर किया गया। इस अवसर पर जनपद में कार्यक्रम का लाइव प्रसारण डीएम पुलकित गर्ग, एसपी अरुण कुमार सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक जाटव, डीसीबी अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, जिला पूर्ति अधिकारी कमल नयन सहित उचित दर विक्रेताओं की उपस्थिति में देखा गया।
इस अवसर पर डीएम पुलकित गर्ग ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा उचित दर विक्रेताओं के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उनके लाभांश में वृद्धि की गई है। अब उचित दर विक्रेताओं को 90 के स्थान पर 125 रुपए प्रति कुंतल लाभांश प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि यह उचित दर विक्रेताओं के लिए प्रसन्नता का विषय है तथा सरकार द्वारा दिया गया महत्वपूर्ण उपहार है। बताया कि जनपद में कुल 441 उचित दर की दुकानें संचालित हैं। जिनमें 47 दुकानें शहरी क्षेत्र तथा 394 दुकानें ग्रामीण क्षेत्र में हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में विभागीय बजट एवं मनरेगा के माध्यम से जनपद में 60 अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें से कुछ भवनों का हस्तांतरण किया जा चुका है तथा शेष भवनों में फिनिशिंग का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि पूर्व में उचित दर की दुकानों के संबंध में शिकायतें प्राप्त होती थीं, लेकिन वर्तमान में शिकायतों में काफी कमी आई है। डीएम ने उचित दर विक्रेताओं से कहा कि कार्यालय में प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अधिकारियों की उपस्थिति रहती है। किसी भी प्रकार की समस्या अथवा कठिनाई होने पर तत्काल अवगत कराएं। ताकि उसका समयबद्ध निस्तारण कराया जा सके।
डीएम ने फार्मर रजिस्ट्री के संबंध में कहा कि कार्य में तेजी लाते हुए अवशेष किसानों की फार्मर रजिस्ट्री भी पूर्ण कराई जाए। उन्होंने उचित दर विक्रेताओं से इस कार्य में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उचित दर की दुकानों पर राशन वितरण के साथ-साथ अन्य उपयोगी उत्पादों की बिक्री भी की जा सकती है। उन्होंने उचित दर विक्रेताओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों तथा एक जनपद एक उत्पाद के अंतर्गत तैयार किए गए स्थानीय उत्पादों को अपनी दुकानों पर रखकर बिक्री की जाए। इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलेगा तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं एवं स्थानीय उत्पादकों की आय में वृद्धि होगी।
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