राइफल क्लब खेल मैदान की नीलामी पर बवाल : कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने सीएम को भेजा पत्र

शहर के एकमात्र प्रमुख खेल मैदान राइफल क्लब मैदान को व्यावसायिक रूप से विकसित करने की योजना के तहत बांदा विकास प्राधिकरण...

Jan 3, 2026 - 16:33
Jan 3, 2026 - 18:29
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राइफल क्लब खेल मैदान की नीलामी पर बवाल : कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने सीएम को भेजा पत्र
फ़ाइल फोटो

सपा विधायक ने भी दी थी आंदोलन की चेतावनी

बांदा। शहर के एकमात्र प्रमुख खेल मैदान राइफल क्लब मैदान को व्यावसायिक रूप से विकसित करने की योजना के तहत बांदा विकास प्राधिकरण (बीडीए) द्वारा भूमि नीलामी के लिए टेंडर जारी किए जाने से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीव्र विरोध शुरू हो गया है। खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और नागरिकों में आक्रोश व्याप्त है। इस मामले में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर नीलामी को तत्काल रोकने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि नीलामी निरस्त नहीं की गई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

बीडीए द्वारा जारी विज्ञापन पत्रांक- 933/बी.वि.प्रा./2025-26, दिनांक 01 जनवरी 2026 के अनुसार बाबूलाल चौराहा स्थित राइफल क्लब परिसर में 4343.20 वर्ग मीटर भूमि को व्यावसायिक भूखंड के रूप में ऑनलाइन नीलामी के लिए प्रस्तावित किया गया है। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 21 जनवरी 2026, दोपहर 11 बजे निर्धारित की गई है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि राइफल क्लब मैदान जनपद बांदा में बच्चों और युवाओं के लिए खेल गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यह मैदान फुटबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेलों के लिए वर्षों से उपयोग में है और युवाओं के शारीरिक एवं मानसिक विकास में अहम भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में इसे व्यावसायिक भूखंड में बदलना जनहित के पूर्णतः विरुद्ध है।

उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण के कारण पहले ही शहरों में खुले स्थानों की भारी कमी है। ऐसे में इस मैदान को समाप्त करना बच्चों और युवाओं को खेल से दूर धकेलने जैसा होगा, जिससे अपराध और नशे जैसी सामाजिक समस्याओं को बढ़ावा मिल सकता है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि उत्तर प्रदेश शहरी नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 और मास्टर प्लान के अनुसार शहरों में पार्क, खुले स्थान और खेल मैदानों को संरक्षित रखना अनिवार्य है। राइफल क्लब मैदान का उपयोग अंग्रेजी शासनकाल से (वर्ष 1902 से पूर्व) परेड, चांदमारी और खेल गतिविधियों के लिए होता रहा है।

आरोप है कि वर्ष 1990-91 के दौरान बीडीए ने इस भूमि को नगर पालिका से कथित रूप से गैरकानूनी ढंग से फ्रीहोल्ड कराया था। इस पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने स्थगन आदेश जारी करते हुए यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद बीडीए द्वारा नीलामी प्रक्रिया आगे बढ़ाना अदालत के आदेशों का उल्लंघन बताया जा रहा है।

मिनी स्टेडियम बनाने का सुझाव

अजय राय ने मांग की है कि राइफल क्लब मैदान को व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र न बनाकर खेल मैदान के रूप में संरक्षित रखा जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि यहां भारत रत्न मेजर ध्यानचंद की स्मृति में एक मिनी स्टेडियम का निर्माण कर खेल विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है।

पहले भी उठ चुका है विरोध

बबेरू विधायक विशंभर सिंह यादव शहर के एकमात्र बचे खेल मैदान राइफल क्लब की नीलामी का मुद्दा विधानसभा में जोरशोर से उठाया गया। नियम-56 के तहत विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष बांदा विकास प्राधिकरण की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कहा गया कि खेल मैदान की सौदेबाजी से खिलाड़ियों में आक्रोश है और जिले की खेल प्रतिभाओं का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।

शीतकालीन सत्र के दौरान वक्ता ने कहा कि शहर के बीचों-बीच स्थित राइफल क्लब मैदान बांदा का इकलौता खेल मैदान है, जहां से निकलकर कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले और देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने बताया कि यह मैदान वर्ष 1902 में पुलिस परेड ग्राउंड के लिए 99 वर्ष के पट्टे पर दिया गया था।

वक्ता ने आरोप लगाया कि वर्ष 1993-94 में तथ्यों को छिपाकर इसे नजूल भूमि के रूप में फ्री होल्ड कराने की कोशिश की गई थी, जिसे तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने वर्ष 2006 में खेल मैदान घोषित कर रोक दिया था। अब एक बार फिर इस मैदान को व्यवसायिक उपयोग और नीलामी की तैयारी पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे बांदा विकास प्राधिकरण के चंगुल से बचाने की मांग की गई।

प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित स्काउट समाजसेवी दीनदयाल सोनी ने राइफल क्लब मैदान को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शहर के ऐतिहासिक राइफल क्लब मैदान पर बांदा विकास प्राधिकरण द्वारा मल्टी मार्केट बनाने की तैयारी की जा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

दीनदयाल सोनी ने कहा कि यही वह मैदान है, जहां से शहर के अनेक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकलकर आगे बढ़े हैं। इस ऐतिहासिक मैदान में स्काउट-गाइड, एनसीसी और एवीएन की कई महत्वपूर्ण रैलियां और कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस ऐतिहासिक और खेल प्रतिभाओं को संवारने वाले मैदान को संरक्षित रखा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी खेल और अनुशासन की विरासत मिलती रहे।

इस मुद्दे पर स्थानीय नागरिक, खिलाड़ी, प्रशिक्षक, पत्रकार, बुद्धिजीवी और समाजसेवी पहले ही एकजुट होकर विरोध जता चुके हैं। विधायक ने राइफल क्लब की चाबी खिलाड़ियों को सौंपने, मिनी स्टेडियम के निर्माण और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की मांग भी की थी।

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