बाँदा की दो खदानों पर हुआ करोड़ों का जुर्माना

बाँदा की दो खदानों पर हुआ करोड़ों का जुर्माना
Illegal Sand Mining

जिला अधिकारी बांदा अमित सिंह बंसल द्वारा केन नदी में बालू के  पट्टे धारकों द्वारा अवैध खनन, ओवरलोडिंग के खिलाफ शुरू किया गया अभियान लगातार जारी है। आज भी उन्होंने  अवैध खनन व ओवरलोडिंग के मामले में भुरेडी व  सादी मदनपुर के दो पट्टा धारकों को  लगभग दो करोड़ रुपए का जुर्माना  किया है ।

उन्होंने बताया कि कात्यायनी नेचुरल लिमिटेड निदेशक सुदामा कुमार पुत्र रामेश्वर राम निवासी ग्राम परेव थाना बेहटा जिला पटना (बिहार )के पक्ष में तहसील बांदा स्थित ग्राम भुरेडी के गाटा संख्या 1141 का भाग 1137, 1136, 1123 / 2  1125 1127, 1131 व 1132 कुल रकबा 37.00  हे, क्षेत्र में बालू/ मोरम का खनन पट्टा 8 मार्च 2019 से 7 मार्च 2020 खनन पट्टा धारक को किया गया है। राजस्व एवं खनिज विभाग की जांच में अवैध ओवरलोडिंग तथा खनन पट्टों की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में  1,17,94,870.00 रुपए का जुर्माना किया गया है।

इसी प्रकार जय अंबे कंस्ट्रक्शन कंपनी बाईपास रोड टाउन सिटी अंबाह जिला मुरैना मध्य प्रदेश जिन्हें तहसील पैलानी जनपद बांदा के ग्राम सादी मदनपुर के गाटा संख्या 93 / 1 क  95 / 2  96 / 8  97  व  98 कुल रकबा 18.60 हेक्टेयर क्षेत्र में बालू का पट्टा है ।पट्टा धारक को राजस्व एवं खनन विभाग की संयुक्त जांच में अवैध खनन एवं ओवरलोड तथा शर्तों के उल्लंघन के आरोप में कुल 73,20,000.00 का जुर्माना लगाया गया है।

उन्होंने बताया कि खनन क्षेत्रों की जांच कराई जा रही है। किसी भी क्षेत्र में खनिज नियमों/अधिनियमों तथा पट्टा शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।बताते चलें कि बताते चलें कि जिला अधिकारी बांदा नहीं 4 दिन पहले इस अभियान को तेज करते हुए मुख्यालय से मात्र 2 किलोमीटर दूर सोना खदान में छापा मारकर आधा सैकड़ा ओवरलोड बालू से भरे ट्रक पकड़े थे।साथ ही नियमों का उल्लंघन करते हुए 17 पोकलैंड मशीन भी खदान में पाई गई थी।

इतना ही नहीं पट्टा धारक द्वारा नदी की जलधारा रोककर पुल बनाया जा रहा था। जिसके जरिए जलधारा से बालू निकालने की कोशिश की जा रही थी।उनकी छापामार कार्रवाई से पट्टा धारकों में खलबली मच गई थी।उन्होंने दूसरे दिन नरैनी क्षेत्र के बालू खदानों को खंगाला लेकिन इसके बाद खनन लगभग ठप सा हो गया है। इसके पहले डीएम ने जिले के साड़ी और मरौली मौरंग पट्टा धारकों की 14 करोड़ रुपये की धनराशि जब्त कर ली है। सहमति पत्र निरस्त करते हुए उन्हें नोटिस भेजी है। पट्टा धारकों ने एनओसी देने के छह माह बाद भी रजिस्ट्री व अन्य प्रक्रियाएं पूरी नहीं की। अब यह खदानें अन्य पट्टाधारकों को आवंटित की जाएंगी।