गंगा नदी में समाई दर्जनों किसानों की हजारों बीघा भूमि
बीघापुर तहसील क्षेत्र के गढ़ेवा गांव के सामने गंगा नदी पर बना पुल का संपर्क मार्ग ध्वस्त हो जाने से आवागमन बाधित हो गया..
बीघापुर तहसील क्षेत्र के गढ़ेवा गांव के सामने गंगा नदी पर बना पुल का संपर्क मार्ग ध्वस्त हो जाने से आवागमन बाधित हो गया। बुधवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कटान स्थल का निरीक्षण कर शीघ्र ही आवागमन सुचारू और किसानों की भूमि के सीमांकन कर मदद की बात कही।
बीघापुर तहसील क्षेत्र के कटरी क्षेत्र के गढेवा दर्जनों किसानों की हजारों बीघा भूमि गंगा में समा गई। बुधवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार घटना स्थल पर पहुंचे और उप जिलाधिकारी अंकित शुक्ला व पीडब्ल्यूडी विभाग के सहायक अभियंता रितेश कुमार पूरी जानकारी ली।
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जिलाधिकारी ने सहायक अभियंता से सीधे ही आवागमन सुचारू कराए जाने के निर्देश दिए वहीं मौजूद उप जिलाधिकारी से जानकारी ली कि कितने बीघे जमीन गंगा में समा गई है। उन्होंने किसानों की भूमि का चिन्हांकन कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि किसानों की भूमि का चिन्हांकन करने के बाद किसानों के हुए नुकसान की भरपाई की जायेगी। गढ़ेवा व गंगापुल के बीच संपर्क मार्ग कटान को रोकने के लिए आज सुबह अजमेर से 1200 जियो बैग पहुंचे।
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सुबह से ही जेसीबी मशीन से पेड़ों और बबूल आदि की झाड़ियों की लकड़ियां डालने के बाद उनके ऊपर जिओ बैग में बालू भरकर कटान रोकने का प्रयास चालू है। वहीं, गंगा के जलस्तर में काफी गिरावट हो जाने के चलते कटान रुक गई है।
जल स्तर घटने से तहसील प्रशासन ने राहत की सांस ली। तहसील प्रशासन ने दोपहिया वाहनों के आवागमन के लिए कच्ची रोड से उतारा और चढ़ाव बनाया जिससे लोग आ जा सके। जिलाधिकारी किसानों ने बताया कि उनकी हजारों बीघे जमीन गंगा में चली गई है।
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