डीएम ने किया कोविड सेन्टरों का औचक निरीक्षण, दिए कड़े निर्देश
जनपद के नए जिला अधिकारी आनंद कुमार सिंह ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद कोरोना महामारी से निपटने के लिए जिले में की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज के अलावा कोविड कंट्रोल रूम और राजकीय कृषि विश्वविद्यालय में बनाए गए कोविड सेन्टरों का निरीक्षण किया...

जनपद के नए जिला अधिकारी आनंद कुमार सिंह ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद कोरोना महामारी से निपटने के लिए जिले में की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज के अलावा कोविड कंट्रोल रूम और राजकीय कृषि विश्वविद्यालय में बनाए गए कोविड सेन्टरों का निरीक्षण किया और वहां मिल रही शिकायतों पर नाराजगी जाहिर करते हुए कड़े निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने आज कृषि विश्वविद्यालय बाॅंदा मे स्थापित कोविड संेटर निरीक्षण किया, जिसमे डयुटी मे उपस्थित डा. सौरभ प्रकाश द्वारा बताया गया कि कृषि विश्वविद्यालय मे बनाये गये कोविड सेंटर मे कुल 75 बेड हैं और वर्तमान समय मे कोविड-19 से संक्रमित कुल 45 मरीज भर्ती हंै और बताया गया कि डयूटी हेतु 3 शिफट मे डा. तैनात किये गये हैं। मरीजों के लिऐ खाना बाहर से तैयार होकर आता है। सुबह नास्ते के साथ दोपहर मे दाल चावल रोटी और रात्रि मे पूर्ण भोजन दिया जाता है और समय-समय पर संक्रमित मरीजों की थर्मल-स्किनिंग केे साथ लगातार तापमान चेक किया जाता है तथा समय-समय पर दवाईयंा उपलब्ध कराई जाती हैं।
जिलाधिकारी आनन्द कुमार सिंह ने मौके पर उपस्थित मुख्य चिकित्साधिकारी बांदा एवं डयूटी पर तैनात डा. सौरभ प्रकाश को निर्देशित किया कि मरीजों केा दिये जाने वाले खाने की गुुणवत्ता मे सुधार लाये तथा साफ-सफाई पर विशेष घ्यान दिया जाये एवं डयुटी मे तैनात सभी डा. नियमित रूप से मरीजों की देख-रेख करें और सभी वार्डो के बेडों मे चादर अनिवार्य रूप से बिछाई जाये तथा प्रयोग किये जाने वाले कपडों आदि को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विसंक्र्रमित कर धुलवाया जाये और डय्टी मेे तैनात चिकित्सकों द्वारा सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया जाये क्योकि धनीराम पुत्र दुल्लीचद्र्र निवासी गायत्री नगर बांदा द्वारा बताया गया कि वह 9.सितम्बर से भर्ती है डाक्टर नियमित रूप से चेकअप नही करते हैं मात्र दवाईयां ही दी जाती है और खाने मे रोटियों की गुणवत्ता अच्छी नही है बाथरूम आदि मे कोई सफाई नही है और बेडों मे चादरें नही बिछाई जाती है।
इस तरह की शिकायतें आगामी निरीक्षण मे नही मिलनी चाहिऐ अन्यथा सम्बंधित डाक्टर कार्यवाही के लिए तैयार रहें।जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने कोविड-19 वायरस संक्रमण के दृष्टिगत राजकीय मेडिकल काॅलेज बांदा में की जा रही व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। राजकीय मेडिकल काॅलेज में डाॅ. मुकेश कुमार यादव प्रधानाचार्य अपने अधीनस्थ चिकित्सा अधिकारियोंध्काविड-19 विशेषज्ञों के साथ उपस्थित मिले।
निरीक्षण के दौरान प्रधानाचार्य राजकीय मेडिकल काॅलेज बांदा द्वारा बताया गया कि इस मेडिकल काॅलेज में बांदा, चित्रकूट, महोबा व हमीरपुर के लोग उपचार कराने आते हैं। 18 सितम्बर, 2020 तक मेडिकल काॅलेज 1158 मरीज भर्ती हुए थे जिसमें 1042 मरीज डिस्चार्ज किये जा चुके हैं तथा 58 मरीज अभी भी भर्ती हैं। संक्रमित मरीजों की संख्या 971 बतायी गयी जिनमें 355 जनपद बांदा, 159 जनपद चित्रकूट, 242 जनपद महोबा तथा 215 संक्रमित मरीज जनपद हमीरपुर के थे। कोरोना वायरस से प्रभावित मरीजों में से जनपद बांदा के 04 व जनपद हमीपुर के 5 मरीजों को गम्भीर स्थित होने के कारण हायर संस्थान रवाना किया गया। मेडिकल काॅलेज में 98 शेष बचे कोरोना मरीजोें में से 58 जनपद बांदा, 12 जनपद चित्रकूट, 19 जनपद महोबा तथा 9 जनपद हमीरपुर के हैं।
प्रधानाचार्य ने जिलाधिकारी को बताया कि सभी भर्ती मरीजों को समय से पौष्टिक आहार एवं दवायें उपलब्ध करायी जा रही हैं और चिकित्सक भी कई-कई बार मरीजों की स्थित की जांच करते रहते हैं। उन्होंने बताया कि 9 मरीज आई.सी.यू में हैं तथा 49 मरीज वेन्टिलेन्टर में हैं। सभी मरीजों की नियमित जांच एवं समय से दवा एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है।
वही विकास भवन के प्रथम तल पर मुख्य विकास अधिकारी कक्ष के बगल में स्थित इंटीग्रेटेड कोविड-19 कंट्रोल एवं कमान रूम का औचक निरीक्षण किया गया। मौके पर उपस्थित डॉक्टर से उन्होंने पूछा कि आज उन्होंने क्या-क्या कार्य किया। इसके संबंध में डॉक्टरों द्वारा अवगत कराया गया कि 11 धनात्मक मरीजों के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई और उसके साथ-साथ एक शिकायत प्राप्त हुई थी! जिसका तत्काल निस्तारण भी संबंधित से करवा दिया गया।
What's Your Reaction?






