मानसिक स्वास्थ्य के प्रति प्रशिक्षु आरक्षियों को किया गया जागरुक

पुलिस लाइन में शुक्रवार को मानसिक स्वास्थ्य परामर्श शिविर का आयोजन कर प्रशिक्षणरत 449 आरक्षियों को भावनात्मक व मानसिक स्वास्थ्य की...

Aug 30, 2025 - 10:47
Aug 30, 2025 - 10:48
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मानसिक स्वास्थ्य के प्रति प्रशिक्षु आरक्षियों को किया गया जागरुक

चित्रकूट। पुलिस लाइन में शुक्रवार को मानसिक स्वास्थ्य परामर्श शिविर का आयोजन कर प्रशिक्षणरत 449 आरक्षियों को भावनात्मक व मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के दृष्टिगत जागरुक किया गया। इस दौरान आरक्षियों को मानसिक स्वास्थ्य को उत्तम बनाये रखने और आत्मिक बल को प्राप्त करने के उपायों की जानकारी दी गई।

शिविर में आयुष ग्राम न्यास के संस्थापक व भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय गुरु के पद से सम्मानित डॉ मदनगोपाल वाजपेयी कहा कि आरक्षी शब्द ‘आ’ उपसर्ग के साथ रक्ष धातु से मिलकर बना है, जिसका अर्थ समाज, राष्ट्र व परिवार की रक्षा करना होता है। रक्षा करने के दायित्व एवं कर्तव्य का निर्वहन करने के लिए सभी को शारीरिक व ऐन्द्रिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी हमेशा पूर्णतः स्वस्थ एवं संतुलित रहना चाहिए। बताया कि जीवन में समग्र स्वास्थ्य को बनाये रखने के लिए आयुर्वेद में जीवन के तीन स्तम्भ- आहार, ब्रह्मचर्य और निद्रा बताये गये हैं।

जिसमें सर्वप्रथम आहार को शुद्ध रखना चाहिए क्योंकि ग्रहण किए गए अन्न से अन्नमय कोष (भौतिक शरीर) का निर्माण होता है तथा अन्नमय कोष से ही प्राणमय कोष (जीवन शाक्ति या ऊर्जा) तथा प्राणमय कोष से ही मनोमय कोष (मन और भावनाओं) का निर्माण होता है। इसीलिए कहा जाता है जैसा खाओ अन्न, वैसा होगा मन। अतः जो भी भोजन करें, वह पवित्रतापूर्वक अर्जित तथा पवित्रतापूर्वक बनाया गया होना चाहिए। ब्रह्मचर्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सात्विक भोजन मन को नियन्त्रित करने में सहायक होता है क्योंकि मन ही हमारी समस्त इन्द्रियोें का नियंत्रक है। इन्द्रियों को चिर काल तक संतुष्ट नहीं कर सकते, इसलिए इन्द्रियों के वश में होने के बजाय मन के द्वारा इन्द्रियों को अपने वश में करने का निरन्तर प्रयास करना चाहिए। सतत् अभ्यास से ऐसा कर पाना सम्भव है और मानसिक रूप से स्वस्थ तथा आत्मिक बल से युक्त व्यक्ति प्रत्येक कार्य कर पाने में सक्षम होता है। निद्रा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ वाजपेयी ने कहा कि निद्रा पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि निद्रा पूर्ण न होने पर व्यक्ति चिड़चिड़ा और मानसिक रूप से असंतुलित होता जाता है। इस दौरान प्रतिसार निरीक्षक रामशीष यादव ने डॉ वाजपेयी को अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया तथा प्रशिक्षु आरक्षियों सेे उनके बताए गए मार्ग का अनुसरण करने की अपील की।

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