डिजिटल क्रिएटर्स मीटअप में प्रवीण सिंह ने युवाओं को किया सम्मानित
शहर स्थित होटल में दुबे जी इवेंट्स द्वारा आयोजित भव्य डिजिटल क्रिएटर्स मीटअप में बुंदेलखंड के विभिन्न जिलों से पहुंचे डिजिटल क्रिएटर्स...
हनुमंत कथा को लेकर प्रवीण सिंह का शंखनाद, बताया आध्यात्मिक क्रांति
बांदा। शहर स्थित होटल में दुबे जी इवेंट्स द्वारा आयोजित भव्य डिजिटल क्रिएटर्स मीटअप में बुंदेलखंड के विभिन्न जिलों से पहुंचे डिजिटल क्रिएटर्स का उत्साह देखते ही बन रहा था। इस गरिमामयी आयोजन में बुंदेलखंड यूथ फाउंडेशन के संस्थापक एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीण सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने मंच से सभी डिजिटल क्रिएटर्स को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया और उनके कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रवीण सिंह ने कहा कि वे स्वयं लंबे समय से धरातल पर उतरकर समाज सेवा और सनातन जागरण के कार्यों में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के पुनर्निर्माण का सबसे प्रभावी उपकरण है। युवाओं से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि आज का डिजिटल क्रिएटर नए विकसित भारत की ऊर्जा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान दौर में फॉलोअर्स की संख्या से कहीं अधिक महत्व कंटेंट की गुणवत्ता और दर्शकों के विश्वास का है। यही कारण है कि सीमित संसाधनों के बावजूद छोटे क्रिएटर्स भी अपनी अलग पहचान बनाने में सफल हो रहे हैं। प्रवीण सिंह ने डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स को आज के समय का “ओपिनियन मेकर” बताते हुए कहा कि स्टूडियो की सीमित दुनिया से बाहर निकलकर जमीनी स्तर पर जाकर किया गया कंटेंट ही वास्तविक, प्रभावशाली और विश्वसनीय होता है।
हनुमंत कथा को बताया आध्यात्मिक क्रांति
इसी मंच से प्रवीण सिंह ने आगामी 16 से 20 जनवरी 2026 तक बांदा में आयोजित होने वाली बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी की भव्य हनुमंत कथा का शंखनाद किया। उन्होंने इसे बुंदेलखंड ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ी आध्यात्मिक क्रांति करार दिया।
उन्होंने दुबे जी इवेंट्स के इस मंच के माध्यम से सभी सम्मानित डिजिटल क्रिएटर्स से अपील की कि वे इस अलौकिक आयोजन की ग्राउंड कवरेज करें और सोशल मीडिया के प्रत्येक प्लेटफॉर्म पर इसे व्यापक रूप से प्रसारित करें, ताकि बालाजी की कृपा और सनातन संस्कृति का संदेश हर श्रद्धालु तक पहुंचे और यह हनुमंत कथा ऐतिहासिक बन सके।
कार्यक्रम में मौजूद युवाओं ने भी उत्साह के साथ इस अपील का समर्थन किया और हनुमंत कथा के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। आयोजन का समापन बुंदेलखंड की सांस्कृतिक एकता और डिजिटल शक्ति के संदेश के साथ हुआ।
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