केन नदी के जलस्तर में वृद्धि, यमुना में दिखा घटाव; दोनों नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे
जनपद बांदा से होकर गुजरने वाली प्रमुख नदियों के जलस्तर को लेकर बुधवार (5 अगस्त 2026) सुबह 11 बजे की अद्यतन रिपोर्ट जारी की गई है...
- 5 अगस्त की सुबह 11 बजे तक के आंकड़ों से मिली राहत की खबर
- भुरागढ़ में केन नदी का जलस्तर 93.93 मीटर दर्ज, बढ़ने का रुझान
- चिल्लाघाट पर यमुना का जलस्तर 85.53 मीटर पर पहुंचा, घटने लगा पानी
बांदा। जनपद बांदा से होकर गुजरने वाली प्रमुख नदियों के जलस्तर को लेकर बुधवार (5 अगस्त 2026) सुबह 11 बजे की अद्यतन रिपोर्ट जारी की गई है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, फिलहाल जिलेवासियों के लिए राहत की बात यह है कि केन और यमुना, दोनों ही नदियां अपने चेतावनी और खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं। हालांकि, केन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी का रुझान (Rising Trend) देखा जा रहा है, जबकि यमुना नदी के जलस्तर में गिरावट (Falling Trend) दर्ज की गई है।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग (बाढ़ नियंत्रण कक्ष) द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दोनों नदियों की अद्यतन स्थिति इस प्रकार है:
केन नदी (मापन स्थल- भुरागढ़, बांदा)
भुरागढ़ स्थित गेज साइट पर केन नदी का जलस्तर फिलहाल बढ़ रहा है। हालांकि, यह अभी भी खतरे के निशान से लगभग 10 मीटर नीचे है, जिससे किसी प्रकार के तत्काल बाढ़ के खतरे की आशंका नहीं है।
- वर्तमान जलस्तर: 93.93 मीटर
- रुझान: बढ़ रहा है (Rising)
- चेतावनी स्तर: 103.00 मीटर
- खतरे का निशान: 104.00 मीटर
- उच्चतम बाढ़ स्तर (H.F.L.): 113.29 मीटर
यमुना नदी (मापन स्थल- चिल्लाघाट, बांदा)
चिल्लाघाट स्थित गेज साइट पर यमुना नदी के जलस्तर में लगातार कमी देखने को मिल रही है। यह नदी भी अपने खतरे के निशान से करीब 14.5 मीटर नीचे बह रही है।
- वर्तमान जलस्तर: 85.53 मीटर
- रुझान: घट रहा है (Falling)
- चेतावनी स्तर: 99.00 मीटर
- खतरे का निशान: 100.00 मीटर
- उच्चतम बाढ़ स्तर (H.F.L.): 105.16 मीटर
प्रशासन और संबंधित विभाग नदियों के जलस्तर की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान में जलस्तर सामान्य है और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
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