बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में वन्यजीव सप्ताह का शुभारंभ
बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के वानिकी महाविद्यालय में...
वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जागरूकता का दिया संदेश
बांदा। बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के वानिकी महाविद्यालय में 2 से 8 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किए जा रहे वन्यजीव सप्ताह का शुभारंभ जागरूकता और उत्साह के वातावरण में हुआ। कार्यक्रम का आयोजन वाइल्डलाइफ वॉरियर क्लब (WWC) के तत्वावधान में किया गया। क्लब का उद्देश्य विद्यार्थियों में वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता तथा पर्यावरणीय संतुलन के प्रति जागरूकता विकसित करना है।
कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वयन क्लब के आयोजन सचिव डॉ. योगेश यादवराव समथाने ने किया। उन्होंने वन्यजीव सप्ताह के दौरान आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से संरक्षण एवं जन-जागरूकता अभियानों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. दिनेश गुप्ता, अध्यक्ष, वाइल्डलाइफ वॉरियर क्लब ने की। उन्होंने एशिया एवं विश्व स्तर पर वन्यजीवों की वर्तमान स्थिति, जैव विविधता के समक्ष मौजूद चुनौतियों और संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति एवं वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।
मुख्य अतिथि डॉ. जी.एस. पवार, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के विचारों को स्मरण करते हुए कृषि एवं वानिकी के समन्वित विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग समय की आवश्यकता है। संसाधनों के अनियंत्रित दोहन से पारिस्थितिक असंतुलन और भविष्य में संसाधनों की कमी जैसी गंभीर चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के लिए कृषि एवं वानिकी के संयुक्त प्रयासों को आवश्यक बताया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों समृद्धि यादव, श्रेया सिंह, अश्विन कुमार वर्मा एवं स्वप्निल चटर्जी ने वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन से संबंधित अपने विचार प्रस्तुत किए।
समापन सत्र में डॉ. संजीव कुमार, अधिष्ठाता, वानिकी महाविद्यालय ने वन्यजीव संरक्षण में कृषि एवं वानिकी की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वस्थ वन, संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र और सतत कृषि पद्धतियां वन्यजीवों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से संरक्षण गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, शोधार्थी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। वन्यजीव सप्ताह के शुभारंभ ने वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता, पर्यावरणीय संतुलन एवं सतत विकास के प्रति जागरूकता का प्रभावी संदेश दिया।
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