शिव संपूर्ण सृष्टि के गुरु : कथा व्यास
भागवतरत्नन आचार्य नवलेश दीक्षित के आवास जग निवास में चल रही शिव महापुराण कथा के चतुर्थ दिवस श्रीधाम वृंदावन से आए कथा व्यास सुमेधानंद महाराज...
चित्रकूट। भागवतरत्नन आचार्य नवलेश दीक्षित के आवास जग निवास में चल रही शिव महापुराण कथा के चतुर्थ दिवस श्रीधाम वृंदावन से आए कथा व्यास सुमेधानंद महाराज ने बताया कि शिव जी के दो रूप हैं। निष्कल और सकल। पंचाक्षर मंत्र ओम नमः शिवाय शिव के द्वारा निकला हुआ है। पांच तत्वों से शरीर बना हुआ है। पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि, आकाश मृत्यु के समय पांचो तत्वों में विलीन हो जाता है। इसी का नाम मृत्यु है। संपूर्ण सृष्टि में भोलेनाथ ही व्याप्त है। शिव संपूर्ण सृष्टि के गुरु हैं। शरीर से जब शिव तत्व चला जाता है तब शव हो जाता है। काशी के विश्वनाथ की महिमा गाते हुए समस्त ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कराया। चित्रकूट की महिमा बताया कि ब्रह्मांड का सबसे बड़ा तीर्थ है। कथा के बाद आरती और प्रसाद वितरण किया गया।
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