चित्रकूट बाढ़ त्रासदी का जायजा लेने आए पांच विभागों के प्रमुख सचिव

जनपद में 29 अगस्त को आई भीषण बाढ़ से रामघाट सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुई क्षति के मद्देनजर मुख्यमंत्री द्वारा छह सितंबर को रामघाट का स्थलीय निरीक्षण किया गया था...

Sep 9, 2026 - 13:25
Sep 9, 2026 - 13:26
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चित्रकूट बाढ़ त्रासदी का जायजा लेने आए पांच विभागों के प्रमुख सचिव

मुख्यमंत्री के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित रामघाट सहित जनपद में क्षति का आकलन एवं राहत कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों से जल्द मांगा प्रस्ताव

संयुक्त टीम ने बाढ़ से संबंधित जनप्रतिनिधियों के साथ भी की बैठक

चित्रकूट। जनपद में 29 अगस्त को आई भीषण बाढ़ से रामघाट सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुई क्षति के मद्देनजर मुख्यमंत्री द्वारा छह सितंबर को रामघाट का स्थलीय निरीक्षण किया गया था। उनके निर्देशों के क्रम में बाढ़ से हुई क्षति का आकलन एवं राहत तथा पुनर्वास कार्यों की समीक्षा के लिए मंगलवार को न्यू सर्किट हाउस देवांगना में अपर प्रमुख सचिव पर्यटन संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई।

सर्वप्रथम भ्रमण के दौरान संयुक्त टीम द्वारा रामघाट का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बाढ़ से प्रभावित दुकानें, मकान, मठ, मंदिर की हुई नुकसान व व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बैठक में प्रमुख सचिव पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात, प्रमुख सचिव सिंचाई अनिल गर्ग, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग अजय चौहान, प्रमुख सचिव नगर विकास पी गुरुप्रसाद, प्रमुख सचिव पशुधन मुकेश मेश्राम सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अपर मुख्य सचिव पर्यटन ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार शासन द्वारा अधिकारियों की टीम को जनपद में बाढ़ से हुई क्षति एवं राहत व्यवस्थाओं का स्थलीय आकलन करने के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि कम समय में बाढ़ से व्यापक क्षति हुई है। मठों, मंदिरों एवं दुकानों सहित अन्य परिसंपत्तियों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षति का आकलन एवं आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर तत्काल सुनिश्चित की जाए, ताकि इसकी प्रगति एवं फीडबैक मुख्यमंत्री को उपलब्ध कराया जा सके।

बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई द्वारा बताया गया कि मध्य प्रदेश से समन्वय बनाकर वहां भी गौज लगाया जाएगा ताकि समय से पता चल सकें एवं मध्य प्रदेश में बांध बन रहा है। मंदाकिनी नदी के ऊपर समन्वय बनाकर गति बढ़ाई जाएगी। उसे जल्द ही पूर्ण करने के लिए मध्य प्रदेश से समन्वय बनाया जाएगा। रामघाट पर वर्तमान में जो उतारा पुल है उससे 100 से 150 मीटर आगे वहां पर एक और बैराज बनाने हेतु सिंचाई विभाग को सर्वे हेतु स्टीमेट बनाकर भेजने हेतु निर्देशित किया गया है। जिससे जो भीड़ आती है। उतारा पुल के आगे भी स्नान कर सकें। प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी ने बताया कि जनपद में 56 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई है। जिनमें तत्काल मोटेबल करा दिया गया है एवं उन सभी का निर्माण कार्य का एस्टीमेट तैयार हो गया है। अतिसिद्ध स्वीकृति देकर कार्य कराया जाएगा। प्रमुख सचिव नगर निकाय ने नगर पालिका से मांगा है कि उनकी कितनी क्षति हुई घाट पर एवं अन्य जगह उसकी जो क्षतिपूर्ति के लिए मांग तत्काल कर लिया जाए। जिससे शासन द्वारा धनराशि उपलब्ध कराया जा सकें।

राहत आयुक्त ने बताया कि 44 विद्यालयों में जो 56 लाख की क्षति का आकलन किया गया है। उसके द्वारा राहत कार्यालय द्वारा धनराशि प्रेषित की जाएगी। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी न्यायिक व अधिशासी अधिकारी कर्वी द्वारा अवगत कराया गया कि नगर पालिका के 22 करोड 22 लाख की संपत्ति क्षति हुई है। जिसमें रामघाट पर खोया पाया केंद्र वहां की इंटरनल, सड़कें एवं  पीने की व्यवस्था, पीने का पाइप, लाइन लाइटिंग एवं जल संस्थान के पंपिंग स्टेशन है सबका मिलाकर लगभग 22 करोड की छत हुई है। शासन से मांग की जा रही है। जिसे शासन द्वारा निर्गत की जा सकें।

बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों से भी बाढ़ से उत्पन्न समस्याओं एवं क्षति के संबंध में फीडबैक लिया गया। जनप्रतिनिधियों द्वारा सड़क, मकान, फसल, विद्युत व्यवस्था, पुलों, व्यापारियों को हुए नुकसान तथा नदियों के सीमांकन सहित विभिन्न समस्याओं को प्रमुख सचिव के समक्ष रखा गया। प्रमुख सचिव ने कहा कि प्रस्तुत समस्याओं एवं क्षति का नियमानुसार आकलन कराकर उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा। डीएम पुलकित गर्ग ने जनपद में बाढ़ के दौरान संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 728 प्रभावित व्यक्तियों को 55 लाख की धनराशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त 4,624 राहत किट एवं 32,420 लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं पीएसी के सहयोग से बाढ़ के दौरान 688 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। डीएम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास कार्य लगातार जारी हैं। प्रशासन द्वारा लगातार भ्रमणशील रहकर नदी घाटों एवं प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है तथा घाटों की साफ-सफाई का कार्य भी निरंतर कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को शासन की मंशानुरूप हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है। बैठक में विधायक मानिकपुर अविनाश चंद्र द्विवेदी, एसपी अरुण कुमार सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र कोटार्य, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, डीसीबी पंकज अग्रवाल, पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल, पूर्व मंत्री भैरों प्रसाद मिश्र, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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